पटना : राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों का मिशन मोड में एनक्वास प्रमाणीकरण किया जा रहा है. इसके लिए राज्य द्वारा सभी स्तर पर सघन अनुश्रवण किया जा रहा है और जिलों को जरुरी निर्देश एवं परामर्श दिए जा रहे हैं. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से लेकर जिला अस्पतालों तक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है और आधारभूत संरचना को बेहतर किया जा रहा है. प्रमाणन प्रक्रिया को सटीक और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. गुणवत्ता आश्वासन के तहत राज्य में कुल 37 एक्सटर्नल अस्सेसर एवं 266 इंटरनल अस्सेसर है. विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अलग अलग चेकलिस्ट के द्वारा दो अस्सेसर एक अस्पताल का अंकेक्षण करते हैं. इनमे जिला अस्पताल में 21 विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 12 विभाग, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 12 विभाग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 6 विभाग एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 1 विभाग पर अंकेक्षण करते हैं.
201 स्वास्थ्य संस्थानों का किया गया प्रमाणीकरण
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, गुणवत्ता आश्वासन, डॉ. अभिषेक कुमार सिन्हा ने बताया कि अभी तक राज्य में 201 स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्वास प्रमाणित किया गया है. इनमे 174 संस्थानों को राज्य स्तरीय प्रमाणीकरण तथा 27 संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित किया जा चुका है. एनक्वास कार्यक्रम के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की संतुष्टि के स्तर को साफ़-सफाई, डॉक्टर एवं अस्पताल कर्मी के व्यव्हार, दवा की उपलब्धता आदि विषयों पर फीडबैक स्कोर के माध्यम से लिया जाता है तथा अस्पतालों का प्रमाणीकरण किया जाता है.
स्वास्थ्य सेवाओं में सुदृढ़ता की दिशा में प्रयास
यह पहल बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय मानकों तक ले जाने और राज्य के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. प्रमाणन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह राज्य के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी. ज्ञात हो कि राज्य में दिसंबर 2025 तक करीब 50 प्रतिशत स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस से प्रमाणित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.