मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान विभिन्न हितधारकों के बीच प्रभावी एवं समन्वित रिस्पांस सुनिश्चित करने तथा आपदा तैयारी की वास्तविक खंड स्थिति को परखने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर जिले में 26 फरवरी को व्यापक भौतिक मॉक अभ्यास का आयोजन किया जाएगा इसको लेकर समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन कार्य से जुड़े सभी विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया बैठक में बताया गया कि मुजफ्फरपुर जिले का अधिकांश भू-भाग भूकंप जोन-4 के अंतर्गत आता है, जबकि औराई एवं कटरा अंचल के कुछ क्षेत्र भूकंप जोन-5 में स्थित हैं
इस दृष्टि से जिला अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में आता है
अधिकारियों ने कहा कि भूकंप की संभावित स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई ही जन-धन की क्षति को न्यूनतम कर सकती है इसी उद्देश्य से यह मॉक अभ्यास आयोजित किया जा रहा है
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त दिशा-निर्देशों के अनुसार 26 फरवरी को पूर्वाह्न 8:00 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक जिले के विभिन्न चयनित स्थलों पर एक साथ सिमुलेशन आधारित अभ्यास किया जाएगा मॉक एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य भूकंप की स्थिति में रिस्पांस एजेंसियों जैसे एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन के क्विक रिस्पांस टाइम को कम करना और उनके बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है इससे आपदा से निपटने की वास्तविक तैयारी का परीक्षण किया जाएगा
मॉक अभ्यास के लिए जिले में पांच स्थलों का चयन किया जाना है इनमें विद्यालय, अस्पताल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, सरकारी कार्यालय, रिहायशी क्षेत्र, तेल डिपो, पेट्रोल पंप आदि शामिल किए जा सकते हैं इसके अतिरिक्त अवसंरचना केंद्र जैसे हवाई अड्डा, फ्लाईओवर या औद्योगिक स्थलों को भी अभ्यास के लिए चुना जा सकता है चयन इस प्रकार किया जाएगा कि आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो और वास्तविक आपदा जैसी परिस्थिति का यथार्थपरक अभ्यास किया जा सके
प्रत्येक मॉक स्थल के लिए एक प्रभारी पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर उन्हें स्पष्ट दायित्व सौंपने का निर्णय लिया गया
बैठक में स्टेजिंग एरिया के निर्माण पर भी विशेष चर्चा हुई इसके लिए सुरक्षित एवं खुला स्थान जैसे बड़ा मैदान या स्टेडियम चयनित किया जाएगा, जहां आपातकालीन रिस्पांस टीमें, उपकरण, वाहन एवं अन्य आवश्यक संसाधन एकत्रित किए जा सकें स्टेजिंग एरिया के लिए एक नोडल पदाधिकारी का नामांकन भी किया जाएगा, जो सभी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे
भूकंप आपदा से प्रभावित लोगों के लिए एक नोडल राहत शिविर भी स्थापित किया जाएगा राहत शिविर में पर्याप्त रोशनी हेतु बिजली की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, अस्थायी शौचालय, चिकित्सा सुविधा, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस व्यवस्था तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है
सभी चयनित सिमुलेशन स्थलों पर मॉक अभ्यास के दौरान सूचना संप्रेषण और जन-जागरूकता के लिए माइकिंग की व्यवस्था की जाएगी
आम नागरिकों को यह जानकारी दी जाएगी कि यह एक अभ्यास है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की स्थिति उत्पन्न न हो साथ ही भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (ईओसी) की भूमिका को भी विस्तार से स्पष्ट किया गया निर्देश दिया गया कि जैसे ही जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को सूचना प्राप्त होगी, प्रतिनियुक्त कर्मी संबंधित पदाधिकारियों से त्वरित समन्वय स्थापित करेंगे प्राप्त निर्देशों के आधार पर सभी विभागों एवं बचाव एजेंसियों को घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने और राहत-बचाव कार्य प्रारंभ करने के लिए सक्रिय किया जाएगा