विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ विशाल रैली द्वारा किया गया मनोविज्ञान विभाग से रैली प्रारंभ होते हुए गृह विज्ञान विभाग, भूगोल विभाग, वाणिज्य विभाग एवं हिंदी विभाग होते हुए कुलपति आवास तक पहुंचा
कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन अनमोल है, सही परामर्श और मार्गदर्शन के अभाव में कई जिंदगियां तबाह हो जाती है, जिसे सुरक्षित करने की आवश्यकता है
मनोविज्ञान विभाग आत्महत्या रोकथाम हेतु सदैव तत्पर रहता है मनोविज्ञान विभाग के हर छात्रों से उन्होंने अपील की जहां कहीं भी कोई व्यक्ति अवसाद से पीड़ित हो उसे उचित परामर्श प्रदान कर जीवन जीने के लिए उन्मुख करना चाहिए
विभागाध्यक्ष प्रो रजनीश कुमार गुप्ता ने आत्महत्या रोकथाम के लिए सभी प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए अपील की न तो कभी अपने मन में आत्महत्या का विचार लाएंगे और न ही किसी और को आत्महत्या करने देंगे
सभा को संबोधित करते हुए प्रो कल्याण कुमार झा ने कहा कि गरुड़ पुराण में आत्महत्या को महापाप की संज्ञा दी गई है व्यक्ति को आत्महत्या की प्रवृत्ति से बचने की जरूरत है
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर आत्महत्या रोकथाम हेतु प्रेरित किया गया आत्महत्या से संबंधित कारण व निवारण को पोस्टर के माध्यम से इसके रोकथाम हेतु प्रेरित किया
कार्यक्रम समन्वयक प्रो रूपा श्री जमुआर ने धन्यवाद ज्ञापन किया कार्यक्रम में प्रो आभा रानी सिंहा, डॉ विकास कुमार, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ रितु कुमारी, डॉ किरण, डॉ दिलीप, डॉ उमानंद कुमार, अंतरा, सौरभ, आदित्य, शुभम, पवन, स्वाति, राजा, छोटन, अमृता भारती एवं सतीश सहित 150 से अधिक विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित थे