मुजफ्फरपुर : ललित नारायण मिश्र कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेन्ट, मुजफ्फरपुर में महाविद्यालय का 53वाँ वार्षिकोत्सव तथा पूर्व रेल मंत्री स्मृर्तिशेष पण्डित ललित नारायण मिश्र का 103वाँ जन्म-दिवस समारोह संयुक्त रूप से सम्पन्न हुआ
कार्यक्रम का शुभारंभ ललित बाबू के मूर्ति पर माल्यार्पण कर हुआ तत्पश्चात महाविद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष कुमार, प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्याम आनन्द झा एवं आई.टी. विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आई.बी. लाल ने दीप प्रज्जवलन कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया
बिहार के चौमुखी विकास के लिए हर संभव प्रयास किए
महाविद्यालय के निदेशक ने अपने सम्बोधन में ललित बाबू को आधुनिक बिहार के निर्माता के प्रमुख आधार स्तंभों में से एक बताया
ललित बाबू के योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वे जागरूक, विवेकशील एवं कर्मठ नेता थे उन्होंने अपने जीवन काल में बिहार के चौमुखी विकास के लिए हर संभव प्रयास किये उन्होंने ललित बाबू के समाज निर्माण, शिक्षा व्यवस्था एवं आर्थिक उन्नति के संदर्भ में दूरदर्शी सोच को सराहा ललित बाबू ने 1948 में अर्थशास्त्र से शिक्षा प्राप्त करने के बाद राजनीतिक जीवन में प्रवेश किया और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित रहे इसी कारण से उन्हें विकास पुरूष की संज्ञा दी जाती है
एल एल बी एवं बी एल एल बी की मान्यता के बाद नामांकन की प्रक्रिया जारी
महाविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कुमार शरतेन्दु शेखर ने बताया कि यूजीसी ने महाविद्यालय को 2025 में स्वायत्तता प्रदान की जिसकी घोषणा भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने महाविद्यालय के प्रांगण से की थी आगे उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में नये पाठ्यक्रमों में एल.एल.बी. एवं बी.ए.एल.एल.बी. की मान्यता बार कौशिल ऑफ इण्डिया के द्वारा प्रदान की गई है जिसमें नामांकन की प्रक्रिया जारी है और बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के नई प्रणाली एम.डी.जी.एल. के लिए महाविद्यालय पूर्णतः तैयार है महाविद्यालय में बिहार सरकार के सहयोग से एक स्टार्ट-अप सेल की स्थापना की गई है
संस्थागत सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत एस.डी.जी. सतत विकास लक्ष्य में महाविद्यालय को ए+ग्रेड की प्राप्त हुई है उन्होंने आगे बताया है कि पर्यावरण की बढ़ती वैश्विक समस्याओं को देखते हुए महाविद्यालय सतत रूप से क्रियाशील है जिसके लिए महाविद्यालय नियमित रूप से नियामक संस्था के द्वारा ग्रीन ऑडिट करवाती रहती है और उनके निर्देशों के अनुसार क्रियाशील रहती है उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के शिक्षकों ने विगत वर्षों में 18 शोध कार्यों बौद्धिक सम्पदा अधिकार के तहत अपने शोध लेख/कार्यों का पेटेन्ट करवाया है
महाविद्यालय प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्याम आनन्द झा ने अपने सम्बोधन में छात्रों का आह्वाहन करते हुए प्रधान मंत्री के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि आज कि युवा पीढ़ी अमृत पीढ़ी है जो 2047 के विकसित भारत के कर्णधार हैं इस युवा वर्ग के पास विकास के प्रचुर अवसर उपलब्ध हैं और हमें उनका सकारात्मक उपयोग करना होगा उन्होंने अपने सम्बोधन में केन्द्रीय बजट में एम. एस.एम.ई.
कार्यक्रम की प्राथमिकता की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में समय, संसाधन एवं सरकार के इस उदारपूर्ण नीतियों का पूरा-पूरा लाभ लेने का सही समय है इससे ज्ञान, शिक्षा एवं कौशल का सही दिशा में उपयोग कर राष्ट्र विकास में युवा वर्ग को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए
पुरे बिहार में परिवहन से लेकर बुनियादी विकास पर काम किया
महाविद्यालय के आई.टी. विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आई.बी. लाल ने कीर्तिपुरूष ललित बाबू के प्रारंभिक एवं राजनीतिक जीवन के संबंध में लोगों को अवगत कराया और उन्हें महान चिन्तक, विचारक, सामाजिक एवं आर्थिक सुधारक बताया
जिन्होंने बिहार के विशेषकर मिथिला एवं कोशी क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक उन्नयन के लिए अपना जीवन हवन कर दिया मिथिलांचल एवं कोशी क्षेत्र सहित पूरे बिहार में परिवहन से लेकर बुनियादी विकास पर कार्य किया विशेषकर रेल के विकास पर विशेष ध्यान दिया जिससे बिहार के उपेक्षित क्षेत्र के लोग राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ सकें और क्षेत्र में शैक्षिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास हो सके शैक्षिक विकास के क्षेत्र में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी मानव कौशल विकास उनकी अवधारणाओं में प्रमुखता से रहा