आविष्कारकों में प्रो. दिनेश चन्द्र राय, प्रो. राज कुमार दुआरी, डॉ अरविंद, डॉ रुचि चावला, रिधि पांडे और कृष्ण कुमार शामिल रहे
कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने अपनी शोध टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह आविष्कार प्राकृतिक पाचन स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है उन्होंने कहा, यह पेटेंट डेयरी फार्म और शोध प्रयोगशाला से समाज के दैनिक जीवन तक की यात्रा में एक सार्थक उपलब्धि है
प्रो. राय ने आगे बताया कि इस आविष्कार से क्लिनिकल परीक्षण, उत्पादन विस्तार एवं व्यावसायीकरण के नए मार्ग प्रशस्त होंगे इससे भारतीय उपभोक्ताओं को अम्लता की समस्या के दैनिक प्रबंधन हेतु एक सुरक्षित एवं प्रोटीन युक्त विकल्प उपलब्ध हो सकेगा उन्होंने कहा कि यह पेटेंट स्वदेशी नवाचार, डेयरी मूल्य संवर्धन तथा साक्ष्य आधारित पारंपरिक ज्ञान को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान है
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक समुदाय एवं पूर्ववर्ती छात्र संघ ने प्रो. राय को हार्दिक बधाई देते हुए उनकी शोध उपलब्धियों एवं नेतृत्व क्षमता की भूरि भूरि प्रशंसा की