उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार ने भी संवेदनशीलता दिखाने का कार्य किया है
उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष सड़क से सदन तक निरंतर जारी रहेगा
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा, सम्मान, अधिकार एवं अन्य समस्याओं का समाधान उच्च प्राथमिकता के साथ होना चाहिए शिक्षक संवाद जैसे कार्यक्रमों से शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं को सीधे समझने और उन्हें उचित मंच तक पहुंचाने में मदद मिलती है
कार्यक्रम में बूटा के महासचिव डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधि शिक्षक ही होना चाहिए उन्होंने कहा कि प्रो. संजय कुमार सिंह ने शिक्षकों की आवाज बनकर सदन में पूरी संजीदगी के साथ उनके मुद्दों को उठाया है तथा सरकार के साथ लगातार मजबूत संवाद स्थापित किया है उन्होंने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी शिक्षक संवर्गों से प्रो. संजय कुमार सिंह के पक्ष में समर्थन व्यक्त करने की अपील की
बूस्टा के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. जयकांत जय ने प्रो. संजय कुमार सिंह को शिक्षकों के संघर्ष का साथी बताते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाया है उन्होंने शिक्षक समुदाय से शिक्षक हितों की लड़ाई को मजबूती देने के लिए प्रो. संजय कुमार सिंह के पक्ष में समर्थन की अपील की
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने वेतन, सेवा-संबंधी विषयों, शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षक अधिकारों तथा सरकार से अपेक्षाओं सहित विभिन्न मुद्दों पर सवाल रखे संवाद के माध्यम से शिक्षकों और जनप्रतिनिधि के बीच प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला कार्यक्रम में महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष व विश्वविद्यालय अभिषेक सदस्य डॉ रमेश प्रसाद गुप्ता, बूटा महासचिव डॉ सुनील कुमार सिंह, बूस्टा कार्यकारी अध्यक्ष डॉ जयकांत जय, इंटर- डिग्री संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ राम विनोद शर्मा, डॉ राजीव कुमार, डॉ सौरभ राज, डॉ आरती कुमारी, डॉ सी के झा, डॉ रजनीकांत पांडे, डॉ मनोज कुमार सिंह, डॉ अजमत अली, डॉ अमर ज्योति रंजन, डॉ आयशा जमाल, डॉ अनुपम कुमार, डॉ आनंद प्रकाश दुबे, डॉ ललित किशोर, डॉ मनीष कुमार शर्मा, डॉ गणेश कुमार शर्मा, डॉ अमोद कुमार, डॉ अमित त्रिवेदी सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे
शिक्षक संवाद कार्यक्रम ने शिक्षकों की समस्याओं को सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में लाने के साथ-साथ शिक्षक प्रतिनिधित्व, अधिकार और दायित्व से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा का अवसर प्रदान किया