उन्होंने कहा कि 1974 के छात्र आंदोलन ने देश की दिशा को प्रभावित किया
डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि वर्तमान दौर ‘जेन-जी’ का है और छात्र आंदोलनों का परिदृश्य अब वैश्विक हो चुका है ऐसे में छात्र आंदोलनों को तार्किक, संयमित और उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए
जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के यदुनंदन महाविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. अभय कुमार ने छात्र आंदोलनों के ऐतिहासिक पक्ष पर प्रकाश डाला उन्होंने एनएसयूआई, एबीवीपी और एआईडीएसओ समेत विभिन्न छात्र संगठनों की भूमिका की चर्चा की उन्होंने कहा कि छात्र संगठनों का राजनीतिक जुड़ाव कई बार आंदोलनों को उनके मूल उद्देश्यों से भटका देता है
मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ. विजयेंद्र झा ने कहा कि छात्र आंदोलनों से कई ऐसे नेता निकले हैं, जिन्होंने भारतीय राजनीति को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डॉ. ममता रानी ने कहा कि छात्र देश की धरोहर हैं युवाओं को अपनी तार्किक क्षमता विकसित करनी चाहिए, तभी वे विकसित भारत के निर्माण में सार्थक भूमिका निभा सकेंगे उन्होंने अतिथियों का पौधा एवं शॉल देकर स्वागत किया
संगोष्ठी के दौरान छात्र-छात्राओं ने वक्ताओं से विभिन्न विषयों पर सवाल भी पूछे कार्यक्रम का संचालन डॉ. जय प्रकाश ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रूमा ने किया