रसायनशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका डॉ. अंबिका श्रीवास्तव ने पर्यावरण पर युद्ध के घातक प्रभावों की चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार युद्धों में प्रयुक्त होने वाले विषैले रसायन हमारी धरती, जल और वायु को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहे हैं, जिसके दूरगामी परिणाम संपूर्ण मानवता भुगत रही है
राजनीतिशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत पांडेय ने मानवता पर युद्ध के विमर्श को आगे बढ़ाते हुए कहा कि युद्ध का संकट केवल सरहद पर डटे सैनिकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन, सपनों और भविष्य को तहस-नहस कर देता है उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों को रेखांकित किया
अर्थशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका डॉ. श्रुति मिश्रा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर युद्ध की मार का विश्लेषण करते हुए बताया कि इन संघर्षों के कारण संपूर्ण विश्व की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की विकास दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंजनी शुक्ला द्वारा किया गया इस बौद्धिक मंथन के अवसर पर डॉ.एम एन रजवी, डॉ. भगवान कुमार, डॉ. प्रेमलता, डॉ. अंजनी शुक्ला डॉ. आलोक, डॉ. सौरभ, डॉ. नीरज, डॉ. प्रियंका, डॉ. बिंदु सहित महाविद्यालय के कई गणमान्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे यह अकादमिक आयोजन अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ