मुजफ्फरपुर : अब फाइलेरिया रोगी को एमएमडीपी किट देते वक्त चिकित्सकों और नर्सों को एमएमडीपी प्रशिक्षण की कमी आड़े नहीं आएगी इसके लिए सदर अस्पताल स्थित डीईआईसी भवन में सोमवार को जिले के प्रत्येक प्रखंडों से आए चिकित्सकों, नर्सों और एमओआईसी को प्रशिक्षण प्रदान किया गया प्रशिक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ यूसी शर्मा ने फाइलेरिया के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि एमएमडीपी किट फाइलेरिया के तीसरे चरण से प्रभावी हो जाता है, क्योंकि इस अवस्था के आते आते फाइलेरिया रोगियों में सूजन बढ़ जाती है
साथ ही फाइलेरिया के एक्यूट अटैक के खतरे की संभावना भी अत्यधिक होती है
ऐसे में एमएमडीपी से फाइलेरिया रोगी, रोग प्रबंधन की एक कला सीखते हैं जिससे उन्हें काफी आराम मिलता है