मुजफ्फरपुर : टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के निदेशक प्रोफेसर डॉ सुदीप गुप्ता गुरुवार को होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र मुजफ्फरपुर का दौरा किया और यहां के रहे कार्यों की जानकारी ली
टाटा मेमोरियल सेंटर के निदेशक डॉ सुदीप गुप्ता 3 दिवसीय बिहार दौरे पर आए थे और आज मुजफ्फरपुर पहुंचे
एफरेसिस रक्त सेवा केंद्र का उद्घाटन किया
डाॅ सुदीप गुप्ता ने एफरेसिस रक्त सेवा केंद्र का उद्घाटन एसकेएमसीएच में प्रचार्या डॉ आभा रानी सिन्हा के साथ किया
यह पूरे उत्तर बिहार में पहला मशीन है जो सिंगल डोनर प्लेटलेट्स पर काम करेगा
इससे कैंसर मरीजों और डेंगू मरीजों को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है इस मशीन से 6 यूनिट प्लेटलेट्स का काम एक यूनिट से हो जाएगा अभी सेपरेटर मशीन से जो प्लेटलेट्स निकाला जाता है उसे 5000 अकाउंट प्लेटलेट्स बढ़ता है पर अब एफरेसिस मशीन से प्लेटलेट्स निकालने पर एक यूनिट से 30000 से 50000 तक प्लेटलेट्स बढ़ जाता है हर व्यक्ति साल में 24 बार एफरेसिस प्लेटलेट्स दान कर सकते है
तत्पश्चात आज होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र मुजफ्फरपुर के सभी चिकित्सकों और कर्मियों को एसकेएमसीएच ऑडिटोरियम में सम्बोधित किया इस सत्र में सबका स्वागत डॉ तूलिका गुप्ता (उप अधीक्षक एचबीसीएचआरसी, मुजफ्फरपुर) ने किया और मंच का संचालन डॉ रविकांत सिंह ( प्रभारी, एचबीसीएचआरसी मुजफ्फरपुर) ने किया
इस मौके पर टाटा मेमोरियल सेंटर के डॉ प्रभास कुमार ( विभागाध्यक्ष, मेडिकल ऑनकोलॉजी) ने कहा कि यह संस्थान ऐसे लोगों को आकर्षित कर रही है जो अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं उन्होंने कहा कि यहां काम करने के लिए दूर दराज के लोग आए हुए हैं, यह विविधता इस संस्थान को बेहतर बनाएगी
पिछले तीन साल में आये 10 हजार से अधिक मरीज
वहीं अनिल साठे (प्रशासनिक निदेशक, टाटा मेमोरियल सेंटर) ने कहा कि पिछले 3 साल में यहां 10 हजार से ज्यादा मरीज आए हैं
मैं आपको उन मरीजों की तरफ से धन्यवाद देता हूं अगर यहां इनका इलाज यहां नहीं होता तो सोचिए वो आज इलाज के लिए बाहर जाते
डॉ पंकज चतुर्वेदी (डिप्टी डारेक्टर, टाटा मेमोरियल सेंटर) ने कहा कि आप युवाओं को देख के लगता है कि हमारा भविष्य उज्ज्वल हाथों में है आप लोग बहुत पुण्य का कार्य कर रहे हैं मैं जब भी मुंबई के फुटपाथ पर मरीजों को देखता हूं, जिसमें से ज्यादातर आपके ही इलाके के होते हैं आज उन्हें यहां सुविधा मिल रही है मैं दावे से कह सकता हूं कि यहां के इलाज की गुणवत्ता मुंबई से कम नहीं है इसके लिए सबसे ज्यादा डॉ रविकांत सिंह को धन्यवाद की वे मरीजों के लिए निरंतर कार्य करते रहते है
एसकेएमसीएच करता रहेगा सहयोग
इस मौके पर एसकेएमसीएच की प्राचार्या प्रोफेसर डॉ आभा रानी सिन्हा ने कहा कि मुझे यह देखकर खुशी होती है कि पिछले 3 साल से यहां मरीजों का इलाज होता रहा है और हम सभी इसमें सहयोग कर रहे हैं
आगे भी एसकेएमसीएच आपके साथ इस नेक कार्य में मदद करेगा
ज्यादातर मरीज तंबाकू से होनेवाली कैंसर से पीड़ित हैं
प्रोफेसर डॉ सुदीप गुप्ता (निदेशक, टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई) ने कहा कि 1962 से हमलोग परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं आज टाटा मेमोरियल सेंटर के अंतर्गत 7 राज्यों में 11 अस्पताल है अस्थायी अस्पताल में कार्य करते हुए देखकर लगा कि यहां कार्य करना मुश्किल है इस अस्पताल में 200 बेड और 4 रेडियोथीरेपी और 1 ब्रेकीथेरेपी खुलने वाली है