सौरभ शंकर पटेल ,
विषय वस्तु विशेषज्ञ (कटाई उपरांत प्रौद्योगिकी), कृषि विज्ञान केंद्र सारण
प्राचीन काल से चावल का उपयोग मुख्य भोजन के रूप में किया जाता रहा है आज विश्व के आधे से अधिक जनसंख्या चावल को अपने आहार में मुख्य भोजन के रूप में खाती है माना जाता है कि अगर चावल न होता तो विश्व में बहुत से लोग भूख से मर जाते
मुख्य भोजन के साथ साथ यह पोषक तत्वों का भी प्रमुख स्रोत माना जाता है
धान को कूटने के पश्चात चावल बनता है धान को कूटने से उसके ऊपरी सतह में उपस्थित भूसा और चोकर चावल से अलग हो जाता है पारंपरिक लोग पहले उसना चावल खाते थे पर अब बढ़ती आबादी एवं व्यस्त जीवन शैली के कारण सफेद (अरवा) चावल खाने का चलन बढ़ गया है