रून्नीसैदपुर : सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर प्रखंड अंतर्गत माधवनगर, मोरसंड स्थित बेेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चित सनराइज पब्लिक स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को लेकर रविवार को वार्षिकोत्सव मनाया गया. इस स्कूल का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम एक अलग तरीके से मनाया गया. इस अवसर पर नाटक, नृृत्य , संगीत, कव्वाली जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बच्चों ने एक से एक मनमोहक प्रस्तुति पेश कर सबको आकर्षित किया. बच्चों की प्रस्तुति से स्कूल की शिक्षा और वहां की व्यवस्था की भी झलक दिख रही थी. जहां बच्चों ने राष्ट्रगान, गीत व कार्यक्रम के माध्यम से देशभक्ति का संदेश दिया, वहीं नाटक के माध्यम से स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने को लेकर एक बड़ा संदेश दिया. छात्र छात्राओं ने भक्तिगीत गाये तो छात्राओं ने कव्वाली की प्रस्तुति से महफिल सजा, भाईचारे व सद्भाव को प्रदर्शित किया.पुराने धार्मिक सद्भाव के गाने गाये तो एक पर एक नृत्य और फिल्मी गाने प्रस्तुत कर वर्तमान परिदृश्य की झलक भी दिखाई. यानी बच्चों ने हर तरह की बेहतर प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षा व राष्ट्र को सर्वोपरी दिखाया. कार्यक्रम में बच्चों के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक व शिक्षाविद भी उपस्थित थे.
अभिभावकों की है बड़ी जिम्मेवारी
शिक्षाविदों ने अपने संबोधन में गुरू शिष्य संबंध व नैतिक शिक्षा पर विस्तार से चर्चा की. वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को नैतिक शिक्षा देने में शिक्षकों के साथ - साथ अभिभावकों की भी बड़ी जिम्मेवारी है.
बच्चों की शिक्षा एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रक्रिया है जो उनके जीवन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.शिक्षा बच्चों को समाजिक, आधारभूत और ज्ञानार्जन कौशलों को सीखने में मदद करती है.
बच्चों की प्रतिभा को पहचानें
बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा उन्हें बुनियादी ज्ञान, भाषा, गणित, और सामाजिक नैतिक मूल्यों को सिखाती है.शिक्षाविदों ने बताया कि
बच्चों के साथ सिर्फ शिक्षक ही नहीं अभिभावक भी हमेशा संवाद करें. उनके सवालों का उत्तर दें, उनकी रुचियों को समझें और उन्हें महत्वपूर्ण ज्ञान और अनुभव प्रदान करें. हर बच्चे की प्रतिभा अद्वितीय होती है. उनकी प्रतिभाओं को पहचानें, बच्चों को सच्चे मूल्यों और नैतिकता के महत्व को समझाएं. उन्हें सत्यनिष्ठा, संवेदनशीलता, साझा करने का आदर्श, और अच्छे संबंधों के लिए समर्पित होने का मार्गदर्शन करें.
पुस्तकों के प्रति बच्चों को करें आकर्षित
वक्ताओंने कहा कि बच्चों को पुस्तकों के प्रति उत्साहित करें: अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए पुस्तकों के प्रति प्रेरित करें.
बच्चों के लिए दिनचर्या में एक तालिका बनाए. इसमें स्कूली कार्य, खेल, अध्ययन, और अन्य गतिविधियों का समय शामिल होना चाहिए.
अपने बच्चों को सकारात्मक प्रशंसा और प्रोत्साहन दें. उन्हें अपनी मेहनत और सफलता पर गर्व महसूस कराएं.
आप अपने बच्चों के लिए आदर्श बनें. अपने शब्दों के साथ कर्म और आचरण में संवेदनशीलता और नैतिकता को प्रदर्शित करें .
बच्चों की रुचियों, प्रवृत्तियों और दिक्कतों को समझें,उन्हें उनके रुचियों के अनुसार सीखने का मौका दें.
शिक्षाविदों को किया सम्मानित
इस अवसर पर विद्यालय की ओर से एक दर्जन से अधिक शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में जाने-माने शिक्षाविद
प्रोफेसर डॉ. रघुनंदन प्रसाद सिंह,
कर्नल डॉ. धीरेंद्र प्रसाद सिंह,
डॉ साकेत कुमार (रेडियोलाॅजिस्ट)
डॉ. कस्तूरिका कानन,
निदेशक अरुण कुमार सिंह
प्रिंसिपल किरण कानन,
सौरभ आनंद (रिसर्च स्कालर),
वरिष्ठ शिक्षक प्रभाशंकर चौधरी,
पूर्व मेजर आर्मी नागेंद्र प्रसाद सिंह,
रिटायर्ड प्रधानाध्यापक सुमंगल चौधरी, रिटायर्ड. प्रधानाध्यापक राम कुमार सिंह
अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन बीरेंद्र कुमार मिश्रा, सीतामढ़ी,
संजय रवि, अनिल कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, पंकज झा
ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया
पूर्व छात्र वैभव (2014 बैच) और जाहन्वी (2017 बैच) को विद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया
शिक्षक सविता कुमारी, मनीष कुमार, पुष्पा कुमारी, वैष्णवी कुमारी, गौरव कुमार सिंह, पिंकी कुमारी, फुलबाबू नडाफ, संजीत शाही, मुकेश कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, रूपेश कुमार मिश्रा, नवीन कुमार, असगर हुसैन, महेश कुमार राय, सुधांशु कुमार, दीपांशु कुमार, सुचित कुमार, शिवनंदन कुमार, चंदन कुमार, सुमन कुमार, सुधांशु कुमार, मिनी कुमारी, प्रीति शाही, खुशबू कुमारी, सुरभि, अंजू कुमारी, किरण कुमारी, मानसी प्रिया, काजल कुमारी ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया