Saturday, March 07 2026

जे एम इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग के तहत तीन दिवसीय सतत पुनर्वास शिक्षा का आयोजन

FIRSTLOOK BIHAR 14:10 PM बिहार

मुजफ्फरपुर के तुर्की स्थित जे एम इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पीच एंड हियरिंग के तहत तीन दिवसीय सतत पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा करवाया जा रहा है इसमें आरडीजेएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सहयोग कर रही है कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया



इस तीन दिन दिवसीय कार्यक्रम में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वह नई समावेशी शिक्षा नीति को विकलांग बच्चों के बीच लेकर जाए और नई समावेशी शिक्षा नीति के तहत बच्चों को शिक्षा दे सकें



इस अवसर पर आरडीजेएम मेडिकल कॉलेज के चैयरमेन और पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने कहा सतत पुनर्वास शिक्षा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में आम तौर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वह सामान्य बच्चों और दिव्यांग बच्चों के बीच सामंजस्य बनाकर समावेशी शिक्षा को विद्यालय में पढ़ा सके इस तरह तीन दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य यह होता है कि प्रतिभागी सैद्धांतिक समझ के साथ व्यावहारिक कौशल भी हासिल करें और वे अपने-अपने क्षेत्रों में समावेशी व सतत पुनर्वास शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें वहीं भारत के प्रधानमंत्री और भारत के शिल्पीकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत दिव्यांग छात्रों के बीच उपकरण भी बांटा जाएगा ताकि उनके पढ़ाई में कोई भी बाधा न आएं

कॉलेज के संस्थापक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से करीब 90 प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक नई समावेशी शिक्षा नीति का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को नई जानकारी मिलेगी इससे जमीनी स्तर पर नई शिक्षा नीति को लागू करने में मदद मिलेगी और भारत सरकार की योजना फलीभूत होगी

जेएम इंस्टिट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग की अध्यक्ष मनीषा कुमारी ने कहा कि कॉलेज में समय-समय पर शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है ताकि भारत सरकार की शिक्षा नीति को शिक्षकों और छात्रों के बीच सामंजस्य बनाने में मदद मिल सके

कार्यक्रम संयोजक रोजी झा ने कहा कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन अवधारणा और मूलभूत जानकारी, सतत पुनर्वास शिक्षा की परिभाषा और उद्देश्य, विकलांगजन, आपदा प्रभावित, हाशिए पर रह रहे समुदायों के लिए पुनर्वास की आवश्यकता ,राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय नीतियां समुदाय आधारित मॉडल का परिचय, पुनर्वास में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक व आर्थिक आयाम आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा जबकि दूसरे दिन व्यावहारिक पक्ष और कौशल विकास, पुनर्वास के लिए आधुनिक तकनीक, सहायक उपकरण और संसाधनों का प्रयोग, समावेशी शिक्षा की रणनीतियाँ, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री का विकास व्यावहारिक अभ्यास : केस स्टडी, समूह चर्चा, रोल प्ले, सामुदायिक भागीदारी और परिवार की भूमिका और तीसरे दिन कार्यान्वयन और मूल्यांकन, सतत पुनर्वास शिक्षा की योजनाओं का क्रियान्वयन, कार्यक्रमों का प्रबंधन, निगरानी और मूल्यांकन, सरकारी योजनाओं और एनजीओ की भूमिका, प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों का अनुभव साझा करना, भविष्य की कार्ययोजना और नेटवर्किंग की जानकारी दी जाएगी

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. उदय कुमार, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार समेत बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी



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