नोटिस में लिखा - प्रशांत किशोर के आरोप जनहित में उठाए गए मुद्दे
प्रदेश महासचिव किशोर कुमार ने कहा - अशोक चौधरी अवसरवाद और दल-बदल की राजनीति के उदाहरण हैं, उनके कार्यों की समीक्षा करना जनता का अधिकार
पटना : जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी के मानहानि के नोटिस का करारा जवाब दिया है अशोक चौधरी द्वारा भेजे गए 100 करोड़ की मानहानि के नोटिस के जवाब में प्रशांत किशोर की ओर से उनके अधिवक्ता देवाशीष गिरि ने शनिवार को विस्तार से जवाब भेजते हुए नोटिस को पूरी तरह से निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया
पार्टी के प्रदेश महासचिव किशोर कुमार ने बताया कि अशोक चौधरी को भेजे गए जवाब में कहा गया है कि उन्होंने गलत तरीके से सही तथ्यों को छिपाकर कानून का सहारा लेने की कोशिश की है ताकि जनता के बीच उनके खिलाफ उठ रहे सवालों को दबाया जा सके
उदाहरण के तौर पर योगेंद्र दत्त द्वारा साल 2021 में अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी को जिन प्लॉट की बिक्री की गई, उनकी डीड (संख्या-2705) में स्पष्ट लिखा गया कि योगेंद्र दत्त को 34.14 लाख रुपये चेक, डिमांड ड्राफ्ट और कैश के माध्यम से दे दिया गया है
अब वो एक पैसा मांगने के हकदार नहीं हैं सवाल है कि यह रकम किस चेक और डिमांड ड्राफ्ट से दी गई, इसकी जानकारी भी नहीं है तब शांभवी की उम्र सामान्य जानकारी में 23 साल की थी