पूर्ण टीकाकरण 98%—ANC, संस्थागत प्रसव और कुपोषण उन्मूलन पर डीएम ने दिए समयबद्ध लक्ष्य
तीसरे साल भी AES से एक भी मौत नहीं— मुजफ्फरपुर की बड़ी उपलब्धि, स्वास्थ्य व्यवस्था हुई मजबूत
मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस की समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, पूर्ण टीकाकरण, कुपोषण मुक्त मिशन तथा आगामी फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की तैयारी की विस्तृत समीक्षा की इस दौरान सभी प्रखंडों से आये प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों, बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों तथा आईसीडीएस के अधिकारियों को दिशा–निर्देश दिए गए
अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश जिलाधिकारी ने बैठक की शुरुआत करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों को अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं को मानक के अनुरूप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
उन्होंने कहा कि रोगियों को समय पर इलाज, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण तथा आपातकालीन सेवाएं मिलनी चाहिए
जिलाधिकारी ने प्रखंडवार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लक्ष्य एवं उपलब्धि की विस्तृत समीक्षा की और पाया कि कुछ प्रखंड अपेक्षित लक्ष्य से काफी पीछे हैं उन्होंने कहा—
डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी जरूरतमंद रोगियों के प्रति संवेदनशील होकर पूरी जवाबदेही के साथ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच में तेजी लाने का निर्देश
गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व जांच (ANC) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्रखंडवार प्रगति का विस्तृत विश्लेषण किया उन्होंने विशेषकर महादलित टोलों में कैंप आयोजित कर महिलाओं को जागरूक करने, मोबिलाइज करने और प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
इस कार्य में आशा , एएनएम , सेविका , सहायिका को संयुक्त रूप से सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया जिलाधिकारी ने कहा कि दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करना अनिवार्य है
समीक्षा में पाया गया:
मुसहरी – 71%
गायघाट – 78%
बंदरा – 95% रहा
मोतीपुर, सरैया, पारू में सुधार लाने का निर्देश दिया
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अघोरिया बाजार – प्रदर्शन कम
मुरौल एवं मोतीपुर – सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि कम प्रदर्शन वाले प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, BCM और स्वास्थ्य प्रबंधकों के साथ विशेष बैठक कर सुधार सुनिश्चित करें
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर
संस्थागत प्रसव की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्स और विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में प्रसव कराना आवश्यक है
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा—
सभी डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मुख्यालय में रहकर जिम्मेदारी से कार्य करें संस्थागत प्रसव बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है
न्यूनतम उपलब्धि वाले प्रखंडों औराई, मुसहरी, कटरा, पारू, कुढ़नी और सरैया के साथ अलग से बैठक कर प्रगति लाने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया
24 से 27 नवंबर तक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम — रात्रि रक्त सैंपल सर्वे
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि 24 से 27 नवंबर 2025 तक जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चयनित दो गांवों में रात्रि रक्त-सैंपल सर्वे किया जाएगा
प्रत्येक साइट पर 300 लोगों के रक्त नमूने लिए जाएंगे, ताकि फाइलेरिया परजीवी की पहचान की जा सके
रक्त संग्रह रात्रि 8:30 बजे से शुरू होगा
फाइलेरिया की जांच पूरी तरह निशुल्क होगी
संक्रमित व्यक्तियों को दवा उपलब्ध कराई जाएगी
फाइलेरिया नियंत्रण के लिए 10 फरवरी 2026 से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें जिले के सभी लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा मुफ्त में दी जाएगी