मुजफ्फरपुर : मैं निमित्त मात्र हूं प्रयोजन तो साहित्य संस्कृति से लोगों को जोड़ना है और इतने लोगों की शुभकामनाएं साहित्य की संवेदना को जीवंत रूप से प्रस्तुत करती हैं: संजय पंकज ने अपने भावोद्गार में कहा मिशन भारती रिसर्च इनफॉरमेशन सेंटर, बिहार गुरु, नव संचेतन, संस्कृति संगम, प्रेमसागर, नूपुर कलाश्रम, पहरुआ, उजास, राष्ट्रीय रंगलोक, कायाकल्प, महाकवि राम इकबाल सिंह राकेश स्मृति समिति के संयुक्त तत्वधान में मिठनपुरा स्थित होटल द पार्क के सभागार में हिंदी गीत कविता के चर्चित रचनाकार, प्रखर वक्ता और जाने माने साहित्यकार डॉ संजय पंकज के प्रणव पर्व पर आयोजित अभिनंदन समारोह में अध्यक्षीय उद्गार व्यक्त करते हुए प्राचार्या डॉ अमीता शर्मा ने कहा कि संजय पंकज की लोकप्रियता साहित्य से लेकर विस्तृत सामाजिक सरोकार तक है एक साहित्यकार के रूप में जहां ये राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हैं वहीं संस्कृतिकर्मी और सामाजिक होने के नाते जनप्रिय हैं
डॉ रामेश्वर द्विवेदी ने कहा कि इनकी रचना में परंपरा के साथ ही समय का मजबूत स्वर है
ये सजग शब्द शिल्पी और भाव समृद्ध कवि गीतकार हैं समकालीनता के ताप के साथ ही संस्कृति की सुगंध भी इनकी रचनाओं में उपलब्ध है मुख्यवक्ता प्रो अरुण कुमार सिंह ने कहा कि संजय पंकज मेरे प्रिय कवि हैं किसी भी विषय पर इनका बोलना सम्मोहक और ज्ञानवर्धक होता है मुजफ्फरपुर की साहित्यिक चेतना को पूरे देश में जिस गौरव के साथ डॉ पंकज प्रस्तुत करते हैं इससे इस शहर का ही नाम रौशन नहीं होता है हम सब भी गौरवान्वित होते हैं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में संजय पंकज ने केक काटा तो चारों तरफ तालियां गूंज उठी डॉ पुष्पा प्रसाद और डॉ वंदना विजय लक्ष्मी ने डॉ शिवदास पांडेय लिखित सोहर गाकर अपनी शुभकामनाएं दी डॉ पुष्पा गुप्ता ने एक बधावा गीत प्रस्तुत किया और कहा कि साहित्य की सारी विधाओं में संजय पंकज सौंदर्य पूर्ण और सार्थक लिखते हैं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा कि मुझे संजय पंकज पर गर्व है कि सरस्वती का यह वरद पुत्र राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होता है
अपनी बातों को ईमानदारी के साथ जब यह रखते हैं तो सब लोग चिंतन करने के लिए विवश हो जाते हैं प्राचार्या डॉ ममता रानी ने कहा कि संजय पंकज व्यवहार कुशल और वाकपटु वक्ता हैं इनका यश इनकी साधना के कारण राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है गहन अध्ययन और निरंतर लेखन इनकी प्रतिभा की बड़ी उपस्थिति है आरडीएस कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ अनिता सिंह ने अपने उद्गार में कहा कि कविता जब हृदय से संवाद करती है तो मनुष्य की दुनिया निखर उठती है संजय पंकज अपनी कविताओं के माध्यम से सही आदमी का निर्माण करते हैं डॉ रामेश्वर द्विवेदी कहा कि हमारे शहर के मूल्यवान कवि साहित्यकार संजय पंकज की जन्म जयंती साहित्य संस्कृति का पावन पर्व है इनकी कविताओं में मातृभक्ति के साथ प्रकृति और जीवन के अनेक संदर्भ हैं
पंडित कमलापति त्रिपाठी ने मांगलिक श्लोक के बीच आशीर्वाद दिया और कहा कि संजय जी आध्यात्मिक कवि हैं विमल कुमार परिमल ने कहा कि विचार की शुद्धता ही भाषा का सौंदर्य है डॉ पंकज साधक हैं इसीलिए इनकी कविता में सत्य के दर्शन होते हैं दो रामभद्र ने कहा कि सीतामढ़ी और युवाओं के बीच इनकी प्रेरक कविताएं और मां केंद्रित दोहे इनकी प्रतिभा और संस्कार को विकसित करते हैं डॉ अविनाश तिरंगा उर्फ ऑक्सीजन बाबा ने संचालन करते हुए कहा कि संजय पंकज जी युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं