Saturday, March 07 2026

बाल संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन सख्त, मिशन वात्सल्य की योजनाओं की समीक्षा

FIRSTLOOK BIHAR 11:01 AM बिहार

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित योजनाओं के तहत बच्चों की देखरेख, संरक्षण एवं पुनर्वास की विस्तृत समीक्षा की गई बैठक का उद्देश्य जिले में बाल अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना तथा बाल श्रम, बाल विवाह एवं विधि के उल्लंघन में संलिप्त बच्चों से जुड़े मामलों में प्रभावी एवं संवेदनशील कार्रवाई को गति देना था बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने श्रम अधीक्षक को अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए प्रखंडवार धावादल (रेस्क्यू टीम) के गठन का आदेश दिया



उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाल श्रमिकों की पहचान, विमुक्ति एवं उनके पुनर्वास हेतु प्रभावी एवं सतत अभियान चलाया जाए



इसके साथ ही बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों को देय सरकारी अनुदान एवं सहायता राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया जिलाधिकारी ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को सक्रिय एवं समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित सूचना तंत्र विकसित कर समय रहते हस्तक्षेप किया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में बाल विवाह की घटना न हो सके बच्चों की देखरेख से संबंधित संस्थानों—जैसे पर्यवेक्षण गृह, बाल गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थाओं—के समुचित संचालन एवं प्रबंधन हेतु विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में रह रहे बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह समन्वयक, विशेष किशोर पुलिस इकाई को निर्देशित किया गया कि विधि के उल्लंघन के अंतर्गत पाए गए बच्चों से संबंधित सभी प्रतिवेदन समय पर किशोर न्याय बोर्ड को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो बैठक में चाइल्ड लाइन के अंतर्गत दर्ज मामलों का नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया साथ ही बाल कल्याण समिति को निर्देश दिया गया कि वे बाल गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थाओं का नियमित निरीक्षण करें तथा बच्चों का उनके परिवार में शीघ्र पुनर्वासन सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई करें अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम एवं बाल विवाह जैसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण के साथ-साथ कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में बाल संरक्षण की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके



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