मुजफ्फरपुर : शहर में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या को दूर करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ऑटो रिक्शा संचालन में कलर कोडिंग एवं रूट प्लान प्रणाली लागू की जा रही है इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है और संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है इसी क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार की अध्यक्षता में अनुमंडलीय कार्यालय में ऑटो रिक्शा संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई
बैठक में एसडीपीओ वन एवं ट्रैफिक डीएसपी भी उपस्थित रहे
बैठक के दौरान शहर में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए तैयार किए गए रूट प्लान तथा कलर कोडिंग व्यवस्था पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए तैयारी के बारे में उन्हें ब्रीफ किया गया
ट्रेफिक नियंत्रण को चार जोन में बंटा शहर
मुजफ्फरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि संपूर्ण शहर को यातायात प्रबंधन की दृष्टि से चार जोन में विभाजित किया गया है इन चारों जोनों के अंतर्गत कुल 20 प्रमुख रूट निर्धारित किए गए हैं प्रत्येक जोन एवं रूट के लिए अलग-अलग कलर कोडिंग की गई है, जिससे ऑटो रिक्शा की पहचान और संचालन व्यवस्था को स्पष्ट एवं नियंत्रित किया जा सके
उन्होंने बताया कि प्रत्येक ऑटो रिक्शा को एक निर्धारित रूट आवंटित किया गया है और उसी रूट पर उसका संचालन किया जाएगा सभी ऑटो रिक्शा पर संबंधित रूट नंबर अंकित कर दिया गया है, ताकि आम जनता और यातायात पुलिस को रूट की पहचान में कोई कठिनाई न हो इसके अतिरिक्त, कुछ ऑटो रिक्शा को सुरक्षित अथवा रिजर्व श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर पूरे शहर में परिचालन की अनुमति दी जाएगी
बैठक में ऑटो रिक्शा संघ के सभी प्रतिनिधियों को रूट प्लानिंग एवं कलर कोडिंग की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनसे सहयोग की अपील की गई इसे शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए लागू की जा रही है
अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि कलर कोडिंग के आधार पर निर्धारित रूटों पर ऑटो रिक्शा का संचालन 20 दिसंबर से प्रारंभ हो जाएगा तथा इस व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ कल किया जाएगा इसके लागू होने से ऑटो रिक्शा के बीच सड़क पर जहां तहां अनियंत्रित एवं अव्यवस्थित रूप से खड़े होने, मनमाने रूट परिवर्तन करने और अनावश्यक भीड़ जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा
इस नई व्यवस्था से न केवल शहर में जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि यात्रियों को भी सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी जिला प्रशासन द्वारा इस व्यवस्था की सतत निगरानी की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे