जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने मुजफ्फरपुर जंक्शन से हरी झंडी दिखाकर किया ट्रायल रन का शुभारंभ शहर को 4 जोन एवं 20 रूट में किया गया विभाजित, 4800 आटो, ई रिक्शा का हुआ कलर कोडिंग एवं रूट निर्धारित मुजफ्फरपुर : शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव, जाम की समस्या तथा आम नागरिकों को हो रही असुविधा के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल की गई है इसी क्रम में जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के संयुक्त नेतृत्व में ऑटो ई-रिक्शा तिपहिया वाहनों के लिए कलर कोडिंग एवं रूट निर्धारण व्यवस्था का ट्रायल रन को प्रारंभ किया गया इस नई व्यवस्था का शुभारंभ शनिवार को मुजफ्फरपुर जंक्शन स्थित टेम्पो स्टैंड से विधिवत हरी झंडी दिखाकर किया गया
यह पहल न केवल शहरी यातायात व्यवस्था को सुचारू, सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि आम नागरिकों को जाम की समस्या से राहत देने तथा सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी
लंबे समय से शहर में ऑटो एवं ई-रिक्शा के अनियंत्रित परिचालन के कारण सड़कों पर जाम, अव्यवस्थित ठहराव और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने एक सुविचारित एवं योजनाबद्ध कोडिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया
4800 ऑटो ई-रिक्शा का कलर कोडिंग, 4200 का रूट निर्धारण, 600 रिजर्व
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत कुल 4800 ऑटो ई-रिक्शा तिपहिया वाहनों का कलर कोडिंग किया गया है इनमें से 4200 वाहनों को विभिन्न रंगों के माध्यम से चिन्हित कर उनके लिए निश्चित रूट निर्धारित किए गये हैं शेष 600 वाहनों को सफेद (ह्वाइट) रंग में कलर कर “फ्री जोन” में रखा गया है, जिन्हें रिजर्व वाहन के रूप में चिह्नित किया गया है
कलर कोडिंग प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक ऑटो ई-रिक्शा केवल अपने निर्धारित रूट पर ही परिचालित हो इससे न केवल यातायात का दबाव संतुलित रहेगा, बल्कि विभिन्न मार्गों पर अनावश्यक भीड़ और जाम की स्थिति भी उत्पन्न नहीं होगी
शहर को 4 जोन एवं 20 रूट में किया गया विभाजन
यातायात को और अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए पूरे शहर को 4 प्रमुख जोन में विभाजित किया गया है इन जोनों के अंतर्गत कुल 20 रूट निर्धारित किए गए हैं, जिन पर ऑटो ई-रिक्शा का परिचालन होगा
प्रत्येक रूट के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए हैं, जिससे आम नागरिकों को भी आसानी से यह पहचान हो सके कि कौन सा ऑटो किस रूट पर जाएगा
इस व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सही ऑटो का चयन करने में सुविधा होगी साथ ही, चालक भी निर्धारित रूट के अनुसार ही वाहन चलाएंगे, जिससे यातायात नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा
दो सप्ताह का ट्रायल, जनवरी से सख्त कार्रवाई
जिला पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इस नई व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए प्रारंभिक तौर पर दो सप्ताह का समय दिया गया है इस अवधि के दौरान ट्रायल रन के माध्यम से व्यवस्था की व्यवहारिक चुनौतियों का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यक सुधार किए जाएंगे
जनवरी माह के प्रथम सप्ताह से इस व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले ऑटो ई-रिक्शा चालकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी बिना निर्धारित रूट के परिचालन, अव्यवस्थित ठहराव, गलत रंग कोडिंग या यातायात नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी
जिलाधिकारी ने प्रशासनिक टीम को दी बधाई
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने इस महत्वाकांक्षी योजना को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम को बधाई दी
उन्होंने कहा कि यह पहल आम जनता की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है और इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही देखने को मिलेंगे
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी ऑटो ई-रिक्शा चालक नई व्यवस्था का पूर्ण रूप से अनुपालन करें उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी
ठहराव स्थल हुये निर्धारित , जाम की समस्या होगी समाप्त
शहर में ऑटो ई-रिक्शा के सड़कों पर यत्र-तत्र खड़े हो जाने से आम लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था कई प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों एवं अस्पतालों के पास अनियंत्रित ठहराव के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी