Saturday, March 07 2026

भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का ऐलान, ऐसी व्यवस्था बनाना उद्देश्य, रहूं या ना रहूं आसानी से आपका काम होता रहे

FIRSTLOOK BIHAR 16:58 PM बिहार

•सरकारी जमीन की गलत जमाबंदी की सूचना देकर पाएं सम्मान •जनता के बीच आकर समस्याओं का समाधान करना न कि भाषण देना है उद्देश्य •पहले 100 दिनों में सभी जिलों में आयोजित होगा भूमिसुधार जनसंवाद, अधिकारियों द्वारा किये गये राजस्व कार्यों की होगी समीक्षा •दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और मापी के लंबित मामलों का 15 दिन में निष्पादन पर है फोकस •दलाल, भू-माफिया और भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी, पारदर्शी व्यवस्था का किया गया वादा मुजफ्फरपुर : उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर में स्थित श्री कृष्ण सिंह प्रेक्षागृह में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत करते हुए कहा कि राज्य में राजस्व एवं भूमि सुधार व्यवस्था को जनोन्मुखी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है यह पहल महज औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनने, समझने और नियम सम्मत समाधान सुनिश्चित करने का गंभीर प्रयास हैइस कार्यक्रम का उद्देश्य भाषण देना नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का फीडबैक लेना और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करना है



उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाना उनका उद्देश्य है कि वे रहें न रहें व्यवस्था बनी रहे और लोगों की जमीन संबंधी समस्या का आसानी से समाधान होता रहे



उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि सरकारी जमीन की जमाबंदी निजी नाम से करने वालों की जानकारी देने वालों को भी विभाग सम्मानित करेगा उन्होंने कहा कि अभी आमलोगों की सर्वाधिक शिकायत दाखिल–खारिज, परिमार्जन प्लस और ई मापी को लेकर लोगों की है उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का निष्पादन अगले 15 दिनों में किया जाये , ताकि जनकल्याण संवाद में लोगों को इन बातों के लिये परेशान ना होना पड़े कार्यकाल के पहले 100 दिनों में पहले प्रमंडलवार और फिर जिलावार जनता के बीच जाकर संवाद किया जाएगा, ताकि भूमि विवाद, जनशिकायत और विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़ी मूलभूत अड़चनों को समझा जा सके और सभी परेशानियां दूर की जा सकें इस पहल की शुरुआत 12 दिसंबर को पटना से हुईइसके बाद 15 दिसंबर को लखीसराय में जनकल्याण संवाद आयोजित हुआ तथा 18 दिसंबर को राज्य भर के सभी अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी के साथ पटना में कार्यशाला आयोजित कर सभी समस्या का समय सीमा में निष्पादन के निर्देश दिए गए उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने कहा कि विभाग की कार्यव्यवस्था के केंद्र में बिहार की जनता है उनको पारदर्शी, जिम्मेदार और ईमानदार व्यवस्था देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है किसी भी प्रकार के दलाल, बिचौलिये या भू-माफिया की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी

पहले 100 दिनों में विभाग ने तीन प्रमुख समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है इनमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई मापी सबसे महत्वपूर्ण है उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की दिसंबर माह की छुट्टियां रद्द की गई हैं अंचल कार्यालयों में नियम, प्रक्रिया और सेवाओं की जानकारी बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित करने तथा 9-9-6 (सुबह 9 बजे से शाम 9 बजे तक, सप्ताह में 6 दिन) के तहत जनता के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है लंबित मामलों के नियमसम्मत निष्पादन के लिए समय निर्धारित किया गया है विभाग ने स्पष्ट किया है कि सही अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक किसी भी परिस्थिति में पीड़ित नहीं होंगे, जबकि गलत करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा नियम से चलने वालों को समय पर न्याय मिलेगा, क्योंकि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है इससे असंतोष फैलता है

असंतोष से अराजकता की स्थिति बनती है हमारा उद्देश्य इसी स्थिति को दूर करना है उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पदाधिकारियों से विभाग की स्पष्ट अपेक्षा है कि समय–सीमा में दाखिल-खारिज और परिमार्जन का निष्पादन हो इससे त्रुटिरहित और समयबद्ध जमाबंदी होगी जिससे किसानों को योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा बेवजह आवेदन रिवर्ट करने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए

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