Saturday, March 07 2026

मुजफ्फरपुर में ‘दीदी की रसोई’ का विस्तार, जनवरी में समाहरणालय व कंबाइंड बिल्डिंग में खुलेंगी दो नई शाखाएं

FIRSTLOOK BIHAR 11:22 AM बिहार

मुजफ्फरपुर : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी आजीविका एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजना जीविका द्वारा संचालित ‘दीदी की रसोई’ का विस्तार मुजफ्फरपुर जिले में लगातार किया जा रहा है इसी क्रम में नये वर्ष 2026 के जनवरी माह में जिले में दीदी की रसोई की दो नई शाखाओं की शुरुआत की जाएगी इसके लिए समाहरणालय परिसर एवं कंबाइंड बिल्डिंग में स्थल का चयन कर लिया गया है



इन दोनों स्थानों पर रसोई के संचालन से सरकारी कार्यों के लिए आने वाले आम नागरिकों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण जलपान की सुविधा उपलब्ध होगी





दीदी की रसोई की नई शाखाओं के शुभारंभ करने तथा उसका सुचारू प्रबंधन एवं संचालन सुनिश्चित करने के निमित्त जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई बैठक में जीविका की जिला टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि समाहरणालय परिसर और कंबाइंड बिल्डिंग जैसे व्यस्त प्रशासनिक केंद्रों पर दीदी की रसोई का संचालन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा उन्होंने जीविका टीम को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करते हुए जनवरी माह में दोनों स्थानों पर रसोई का संचालन प्रारंभ किया जाए, ताकि आमजन को बेहतर सुविधा मिल सके

गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर जिले में दीदी की रसोई का संचालन पहले से ही सफलतापूर्वक किया जा रहा है वर्तमान में जिले के विभिन्न संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कुल 12 दीदी की रसोई कार्यरत हैं इनमें 161 जीविका दीदियों के साथ-साथ 37 अन्य सहयोगी स्टाफ को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है इन रसोईयों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 2758 उपभोक्ता जलपान ग्रहण कर रहे हैं, जो इस योजना की लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है

दीदी की रसोई न केवल रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बन रही है, बल्कि यह गुणवत्तापूर्ण, पोषणयुक्त और स्वादिष्ट भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है जिले में वर्तमान में जिन स्थानों पर दीदी की रसोई संचालित है, उनमें जिला अस्पताल संस्थागत बैग क्लस्टर, रजिस्ट्री ऑफिस, बालक आवासीय विद्यालय पोखरैरा, गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल रजवाड़ा, गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल मुरौल, गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल बोचहा, एसकेएमसीएच, पुलिस लाइन, BSAP-6 पुलिस लाइन, ओल्ड एज होम तथा कर्पूरी भोजनालय प्रमुख हैं



भौगोलिक दृष्टि से देखें तो जिले में संचालित दीदी की रसोई में से आठ मुसहरी प्रखंड, एक सरैया प्रखंड तथा तीन बोचहा प्रखंड में स्थित हैं इन रसोईयों के माध्यम से न केवल सरकारी संस्थानों में कार्यरत कर्मियों बल्कि विद्यार्थियों, मरीजों, वृद्धजनों और आम नागरिकों को भी किफायती दर पर स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है

दीदी की रसोई जीविका की एक शुल्क आधारित जलपान व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं स्वयं भोजन तैयार कर उसकी बिक्री करती हैं यह पूरी व्यवस्था स्वच्छता, गुणवत्ता और पोषण के मानकों को ध्यान में रखकर संचालित की जाती है इससे एक ओर जहां जीविका दीदियों को नियमित रोजगार और आर्थिक संबल मिलता है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को बाजार की तुलना में कम कीमत पर बेहतर गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध हो पाता है

इस योजना का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि इससे जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है नियमित आय के माध्यम से जीविका दीदियां आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं साथ ही, उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और सामाजिक सम्मान भी प्राप्त हो रहा है



जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने बैठक के दौरान कहा कि दीदी की रसोई जैसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण हैं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के अधिक से अधिक सार्वजनिक स्थलों पर इस योजना का विस्तार किया जाए, ताकि रोजगार के नए अवसर सृजित हों और आम लोगों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन सुविधा मिल सके

जनवरी माह में समाहरणालय परिसर और कंबाइंड बिल्डिंग में दीदी की रसोई के शुरू होने के साथ ही जिले में इसकी संख्या और बढ़ जाएगी इससे न केवल जीविका दीदियों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा, बल्कि जिला मुख्यालय आने वाले हजारों लोगों को भी इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा कुल मिलाकर, दीदी की रसोई मुजफ्फरपुर जिले में विकास, आजीविका और सामाजिक सरोकारों को जोड़ने वाली एक सफल पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है, और आने वाले समय में इसका और विस्तार जिले के लिए लाभकारी सिद्ध होगा

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