Saturday, March 07 2026

रक्सौल अस्पताल में आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रसव पीड़ित महिला को जबरन निजी अस्पताल में भर्ती कराने को लेकर हुआ बवाल

FIRSTLOOK BIHAR 04:25 AM बिहार

एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई करने का दिया निर्देश

रक्सौल : रक्सौल अनुमंडल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची गर्भवती महिला को आशा कार्यकर्ता द्वारा कथित रूप से निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद शोषण करने, मोटी रकम वसूलने के बाद रेफर करने का प्रयास करने, आपत्ति जताने पर परिजनो से दुर्व्यवहार का मामला तुल पकड़ गया हैयह मामला इसलिए गंभीर हो गया कि एक ओर सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है और निःशुल्क सिजेरियन प्रसव ,आने जाने तक के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध करा रही है,जबकि,दूसरी ओर मोटे कमीशन के प्रलोभन में मरीजों को बरगला कर निजी अस्पताल ,नर्सिंग होम में भर्ती कराया जा रहा हैइस मामले को लेकर शुक्रवार को पीड़ित मरीज के परिजनों ने निजी अस्पताल के आगे जम कर हंगामा किया,जिसके बाद तनाव कायम हो गया



समाजिक कार्यकर्ता पूर्णिमा भारती के नेतृत्व में शहर के ब्लॉक रोड स्थित निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जम कर हो हंगामा किया गया



उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गुंडागर्दी करने,मरीज का शोषण करने,दुर्व्यवहार करने का आरोप लगायामामला तुल पकड़ने के बाद पीड़ित पक्ष ने पहुंच कर अनुमंडल प्रशासन से शिकायत भी और जांच और करवाई की मांग की हैपीड़ित जागरूप साह ने वीडियो में बयान दे कर आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन से जुड़े डा विजय कुमार और उनके समर्थकों ने मार पीट,दुर्व्यवहार करते हुए मोबाइल और करीब37हजार रुपए नकदी छीन लिएअस्पताल में भर्ती करने का पुर्जा भी छीन कर फाड़ दियापीड़िता के पिता के मुताबिक, रक्सौल के सहदेवा निवासी गर्भवती कविता देवी पिछले 22दिसंबर को अनुमंडल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची थी,जहां, डा रिजवाना खुर्शीद ने जांच की दवा लिखीबाद में स्थानीय आशा ने अच्छे इलाज का प्रलोभन देकर शहर के ब्लॉक रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गयामजे की बात यह है कि ब्लॉक रोड स्थित यह निजी अस्पताल खुद डा स्वाति सपन और डा विजय कुमार का हैस्वाति सपन अनुमंडल अस्पताल की उपाधिक्षक भी हैंजबकि डा विजय कुमार सर्जन के रूप में प्रतिनियुक्त हैं जो स्वाति सपन के पति है

वहीं इसी अस्पताल में उनकी भाभी प्रिया साह भी मेडिकल ऑफिसर हैपीड़ितों के अनुसार ,भर्ती किए जाने के बाद मरीज कबीता देवी के परिजनों से कथित रूप से मोटी रकम वसूली गई और सिजेरियन ऑपरेशन कराने की बात कही गईजिस पर परिजनो ने रेफर करने की मांग की ताकि वे डंकन अस्पताल में इलाज करा सकेंजिस पर बात विवाद बढ़ गयाविवाद बढ़ने के बाद तथाकथित रूप से आशा कार्यकर्ताएं रफूचक्कर हो गई पीड़िता के परिजन और समर्थक ब्लॉक रोड स्थित अस्पताल पहुंचे ,जहां हो हंगामा और झड़प तक हुआपूछने पर रक्सौल एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि यह एक गम्भीर मामला है मामले की जांच कमेटी बना कर जांच कराई जाएगी

पीड़ित पक्ष को आवेदन देने का निर्देश दिया गया हैआवेदन के आधार पर बिंदुवार जांच होगीउधर अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ स्वाति सपन ने कहा कि मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद और निराधार है

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