Saturday, March 07 2026

उच्च जातियों के विकास एवं कल्याण को लेकर राज्य आयोग की प्रमंडल स्तरीय समीक्षा बैठक 7 जनवरी को मुजफ्फरपुर समाहरणालय में होगा

FIRSTLOOK BIHAR 04:56 AM बिहार

आयोजन,अधिकारियों–बुद्धिजीवियों से लिया जाएगा मंतव्य

मुजफ्फरपुर : उच्च जातियों के विकास एवं कल्याण के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना के माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण द्वारा 7 जनवरी 2026 को मुजफ्फरपुर में प्रमंडल स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया जा रहा है बैठक मुजफ्फरपुर समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित होगी उल्लेखनीय है कि उच्च जातियों के लिए राज्य आयोग के पुनर्गठन के पश्चात यह पहली महत्वपूर्ण प्रमंडल स्तरीय बैठक है, जिसका उद्देश्य उच्च जातियों की वर्तमान सामाजिक-आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति की समीक्षा करना तथा भविष्य में उनके सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना है



बैठक के एजेंडा में शामिल विषयों पर समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव एवं मंतव्य प्राप्त किए जाएंगे, विशेषकर उच्च जातियों के आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की समस्याओं को समझने पर विशेष जोर रहेगा





कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक – प्रमंडल एवं जिलास्तर के कल्याण एवं विकास कार्यों से जुड़े पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक – बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद एवं सुझाव प्राप्ति
शाम 4:00 बजे – राज्य आयोग द्वारा प्रेस वार्ता

बैठक के सफल एवं सुचारु आयोजन के लिए प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश एवं सूचना पूर्व में दी जा चुकी है आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से जुड़े एजेंडा के प्रमुख बिंदु-
-ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही व्यावहारिक समस्याएं
-पात्र व्यक्तियों के बावजूद प्रमाण पत्र नहीं बन पाने के कारणों की समीक्षा
-ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र निर्गत करने की समय-सीमा से जुड़ी कठिनाइयां
-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मात्र 10 प्रतिशत आरक्षण की समीक्षा
-क्या उच्च जातियों के ईडब्ल्यूएस वर्ग को केवल आरक्षण का लाभ ही मिलेगा अथवा अन्य वर्गों की तरह प्रतियोगिता परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में छूट, अर्हतांक में छूट, छात्रवृत्ति, आवासीय छात्रावास जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी प्रदान की जाएं—इस पर विचार



राज्य आयोग का उद्देश्य है कि प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक के आधार पर नीति-निर्माण को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि उच्च जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वास्तविक एवं व्यावहारिक लाभ मिल सके

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