इसी अभियान के तहत बुधवार को समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
यह जागरूकता रथ आगामी 10 दिनों तक जिले के सभी प्रखंडों में भ्रमण करेगा और आम लोगों को मोटर वाहन अधिनियम, यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा तथा दुर्घटना से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी देगा इसके लिए तिथिवार वर्क प्लान तैयार कर वाहनों का परिचालन सुनिश्चित किया गया है, ताकि जिले के अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंच सके
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आम जनता से यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है उन्होंने लोगों से ‘राह-वीर’ बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के दौरान यदि कोई व्यक्ति पीड़ित को समय रहते नजदीकी अस्पताल पहुंचाता है, तो वह कई बार एक बहुमूल्य जीवन बचा सकता है
मीडिया को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री सेन ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, अत्यंत महत्वपूर्ण होता है यदि इस दौरान पीड़ित को उचित चिकित्सा सहायता मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा राहवीर/गुड समरिटन योजना शुरू की गई है, ताकि आम लोग बिना किसी भय या झिझक के दुर्घटना पीड़ितों की मदद कर सकें
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में पीड़ितों की जान बचाने वाले राहवीरों को प्रशासन द्वारा 15 अगस्त एवं 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाता है
सरकार के प्रावधान के अनुसार यदि एक राहवीर द्वारा एक सड़क दुर्घटना में एक या एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाई जाती है, तो उसे ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है वहीं, यदि एक सड़क दुर्घटना में एक पीड़ित की जान एक से अधिक राहवीरों के सहयोग से बचाई जाती है, तो सभी राहवीरों को संयुक्त रूप से ₹25,000 की राशि दी जाती है इसके अतिरिक्त, यदि एक से अधिक राहवीरों द्वारा एक सड़क दुर्घटना में एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाई जाती है, तो प्रत्येक राहवीर को ₹25,000 की राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है
जिलाधिकारी ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि वाहनों का परिचालन सुरक्षित, नियंत्रित एवं निर्धारित गति सीमा के भीतर करें उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि आपकी रफ्तार सिर्फ आपकी नहीं होती, वह किसी की खुशियां, किसी का सहारा और किसी का पूरा संसार छीन सकती है इसलिए संयमित और जिम्मेदार ड्राइविंग ही सुरक्षित जीवन की कुंजी है
इस अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सत्येंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि ओवरलोडिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है उन्होंने कहा कि हल्के मोटर वाहन (LMV) में ओवरलोडिंग पाए जाने पर ₹1000 से ₹2000 तक तथा भारी मोटर वाहन (HMV) में ₹2000 से ₹4000 तक का जुर्माना लगाया जाता है
उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे ओवरलोडिंग से बचें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का अक्षरशः अनुपालन करें जिंदगी अनमोल है, सावधानी ही सुरक्षा है, उन्होंने दोहराया
साथ ही सभी ने एक स्वर में यातायात जागरूकता अभियान को सफल बनाने और सुरक्षित सड़क व्यवस्था के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास की प्रतिबद्धता दोहराई
जिला प्रशासन का यह अभियान न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आम नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करने का भी सशक्त माध्यम साबित होगा
कार्यक्रम के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक श्री कोटा किरण, अपर समाहर्ता राजस्व श्री प्रशांत कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सत्येंद्र कुमार सहित कई वरीय अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे