सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में कुल 60 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27 आवेदनों का ऑन स्पॉट डिस्पोजल किया गया
शेष 33 आवेदनों में आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर नियमानुसार अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है, ताकि पात्र लाभुकों को शीघ्र पेंशन का लाभ मिल सके
प्राप्त आवेदनों का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 22 आवेदन तथा मुख्यमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 33 आवेदन प्राप्त हुए इसके अतिरिक्त लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 2 आवेदन एवं बिहार नि:शक्तता पेंशन योजना में 3 आवेदन प्राप्त किए गए सभी आवेदनों की नियमानुसार जांच कर पात्रता के अनुसार लाभ स्वीकृत किया जाएगा
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कारागार में निरुद्ध किसी भी पात्र बंदी को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित नहीं रखा जाए उन्होंने जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे शिविरों का नियमित आयोजन किया जाए तथा दस्तावेजों के अभाव में किसी भी पात्र व्यक्ति का आवेदन लंबित न रहे, इसके लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाए उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल खुले समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कारागार में रह रहे जरूरतमंद बंदी भी इसके समान रूप से हकदार हैं
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि कारा प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा कोषांग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी पात्र बंदियों की सूची तैयार की जाए, ताकि भविष्य में उन्हें स्वतः योजनाओं से जोड़ा जा सके
शिविर के आयोजन से बंदियों में संतोष और भरोसा देखने को मिला
इस पहल से न केवल सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ी है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि जिला प्रशासन समाज के हर वर्ग, यहां तक कि कारागार में रह रहे जरूरतमंदों के कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है