इनमें लावारिस, भूले-बिसरे तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को बाल कल्याण समिति की अनुशंसा पर रखा गया है
इस गृह में बच्चों को सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है साथ ही उनके लिए नियमित भोजन, वस्त्र, औपचारिक एवं अनौपचारिक शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा मेडिकल फैसिलिटी की व्यवस्था की गई है बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने एवं उनके परिवार से पुनर्मिलन के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं बाल गृह के अधीक्षक द्वारा संस्था का संपूर्ण प्रबंधन एवं संचालन किया जा रहा है
इसके उपरांत आयुक्त ने पर्यवेक्षण गृह सिकंदरपुर का निरीक्षण किया, जहाँ 49 बच्चे आवासित हैं ये सभी बच्चे विधि के उल्लंघन के आरोप में किशोर न्याय परिषद के माध्यम से यहां लाए गए हैं आयुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली उन्हें बताया गया कि पर्यवेक्षण गृह में भी बच्चों को आवास, भोजन, वस्त्र, शिक्षा, कौशल विकास एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है यहां भी अधीक्षक द्वारा व्यवस्थाओं का संचालन एवं निगरानी की जा रही है
निरीक्षण के दौरान आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि दोनों गृहों में बच्चों के साथ मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए भोजन की गुणवत्ता, समयबद्ध स्वास्थ्य जांच, मानसिक परामर्श, नियमित शिक्षा एवं कौशल विकास गतिविधियों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
आयुक्त ने यह भी कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए साथ ही बाल गृह में रह रहे बच्चों के परिवार से पुनर्संयोजन की प्रक्रिया को तेज करने तथा विधि से जुड़े बच्चों को सुधार एवं पुनर्वास की दिशा में प्रेरित करने के निर्देश दिए
औचक निरीक्षण के माध्यम से आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि बाल संरक्षण संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा जिला प्रशासन को नियमित निगरानी एवं सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए