Saturday, April 25 2026

खाद्यान्न आपूर्ति बाधित करने पर डीएम सख्त: नौ डीएसडी परिवहन अभिकर्ताओं से हुआ स्पष्टीकरण, अनुबंध रद्द, रिकवरी व ब्लैकलिस्टिंग की कड़ी चेतावनी

FIRSTLOOK BIHAR 13:39 PM बिहार

गरीबों की योजनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: खाद्यान्न उठाव–प्रेषण बंद करने पर डीएम का कड़ा रुख, मनमानी एवं लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं

मुजफ्फरपुर : लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के तहत गोदामों से खाद्यान्न के उठाव एवं प्रेषण कार्य को परिवहन अभिकर्ताओं (डोर स्टेप डिलीवरी—डीएसडी) द्वारा बंद किए जाने के मामले को जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है इसे आवश्यक सामग्री अधिनियम के तहत किए गए एकरारनामा की शर्तों का घोर उल्लंघन बताते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की मनमानी से सरकार की महत्वपूर्ण लोक-कल्याणकारी योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं और इसका खामियाजा गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों को भुगतना पड़ रहा है

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने राज्य खाद्य निगम, मुजफ्फरपुर से संबद्ध नौ परिवहन हथालन सह आपूर्ति अभिकर्ताओं (डीएसडी) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का कड़ा निर्देश दिया है



जिलाधिकारी ने पूछा है कि आखिर किन कारणों से गोदामों से खाद्यान्न का उठाव एवं प्रेषण बंद किया गया और क्यों न एकरारनामा की शर्तों के आलोक में उनका अनुबंध रद्द किया जाए, सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त किया जाए तथा भविष्य के लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए





जिलाधिकारी का सख्त रुख

डीएम सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि परिवहन अभिकर्ताओं की यह कार्रवाई न केवल अनुबंधीय शर्तों का उल्लंघन है, बल्कि इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 एवं प्रधानमंत्री पोषण योजना जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हुई है उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को प्रभावित करने का किसी को अधिकार नहीं है यदि समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित अभिकर्ताओं के पास अपने बचाव में कुछ भी कहने को नहीं है और उसके बाद नियमों के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी

उल्लेखनीय है कि डीएसडी परिवहन अभिकर्ताओं द्वारा 22 जनवरी से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत खाद्यान्न का प्रेषण कार्य जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं, विद्यालयों एवं एनजीओ के बीच बंद कर दिया गया है इस कारण जिले के विभिन्न प्रखंडों के लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पा रहा है कई विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन एवं पोषण योजना प्रभावित हुई है, वहीं पीडीएस दुकानों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचने से राशन वितरण भी बाधित हुआ है

जिलाधिकारी ने कहा कि लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का मूल उद्देश्य समाज के गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को नियमित , समयबद्ध एवं सुरक्षित रूप से गुणवत्तापूर्ण नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराना है यह एक संवेदनशील आपूर्ति श्रृंखला है, जिसमें परिवहन अभिकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है एफसीआई या राज्य गोदामों से खाद्यान्न को समयबद्ध एवं सुरक्षित रूप से प्रखंड, अनुमंडल गोदामों एवं पीडीएस दुकानों तक पहुंचाना परिवहन अभिकर्ताओं की जिम्मेदारी है

इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या जानबूझकर बाधा डालना सीधे तौर पर लाभुकों के अधिकारों का हनन है ज्ञातव्य हो कि विभागीय फूड कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक माह की 20वीं तिथि तक जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं को खाद्यान्न का प्रेषण करना होता है

एकरारनामा की शर्तों का उल्लंघन

डीएम ने बताया कि परिवहन अभिकर्ताओं के साथ किए गए एकरारनामा में स्पष्ट प्रावधान है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर खाद्यान्न का उठाव एवं प्रेषण सुनिश्चित करेंगे किसी भी प्रकार की हड़ताल, कार्य बहिष्कार या मनमाने ढंग से कार्य बंद करना अनुबंध का उल्लंघन माना जाएगा आवश्यक सामग्री अधिनियम के तहत खाद्यान्न जैसी अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा डालना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है ऐसे में दोषी पाए जाने पर न केवल अनुबंध रद्द किया जा सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है

दो दिन की मोहलत, नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

जिलाधिकारी ने सभी नौ डीएसडी अभिकर्ताओं को दो दिनों के भीतर लिखित रूप में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में जवाब नहीं दिया गया या दिया गया जवाब असंतोषजनक पाया गया तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी

इसमें एकरारनामा रद्द करना, सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त करना तथा भविष्य में किसी भी सरकारी निविदा से वंचित करते हुए ब्लैकलिस्ट करना शामिल है जिन नौ परिवहन हथालन सह आपूर्ति अभिकर्ता के विरुद्ध स्पष्टीकरण की गई है उनमें रामबाबू, चंदन कुमार, मुकेश कुमार, दीप ज्योति, अशोक इंटरप्राइजेज, मेसर्स मनोरंजन ट्रांसपोर्ट, रंजीत कुमार ,अभिषेक कुमार गुप्ता शामिल है

लोक-कल्याणकारी योजनाओं की अहमियत

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को नियमित रूप से सही समय एवं उचित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न का लाभ नि: शुल्क मिलता है वहीं प्रधानमंत्री पोषण योजना के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है इन योजनाओं का निर्बाध संचालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है

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