Saturday, March 07 2026

भारत-नेपाल सीमा पर नकली नोटों की बड़ी फैक्ट्री का खुलासा; 25 लाख नेपाली,18.500भारतीय जाली नोट बरामद,3 नेपाली समेत 10 दबोचे गए

FIRSTLOOK BIHAR 04:49 AM बिहार

रक्सौल/मोतिहारी(Vor desk) इंडो-नेपाल सीमा पर सक्रिय अंतरराष्ट्रीय जाली मुद्रा तस्करों के खिलाफ पूर्वी चंपारण पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है



पुलिस ने जाली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सीमावर्ती सीतामढ़ी के मेजरगंज में चल रही नकली नोटों की एक अत्याधुनिक फैक्ट्री को भी ध्वस्त कर दिया है



इस ऑपरेशन में 3 नेपाली नागरिकों सहित कुल 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया हैकुल 25 लाख नेपाली जाली मुद्रा और 18 हजार 500 भारतीय जाली मुद्रा बरामद हुआ हैइसके साथ ही22बंडल नोट छापने के लिए तैयार पेपर,केमिकल आदि बरामद हुए हैंगैग द्वारा धंधे के लिए प्रयुक्त होने वाले तीन बाइक और एक कार भी बरामद किए गए हैंइतनी बड़ी मात्रा में नेपाली जाली नोट की बरामदगी काफी चौंकाने वाली हैआशंका है कि इसका इस्तेमाल नेपाल में आगामी5मार्च को होने वाले आम चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए किए जाने थे

सीमा पर घेराबंदी से शुरू हुआ ऑपरेशन

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रक्सौल बॉर्डर के रास्ते जाली नोटों की एक बड़ी खेप नेपाल भेजी जा रही है मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर रक्सौल एसडीपीओ मनीष कुमार और हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई टीम ने पनटोका पंचायत के समीप बॉर्डर पिलर संख्या 393 के पास जाल बिछाया

सबसे पहले बाइक सवार दो नेपाली नागरिकों—तिलक बहादुर थापा (मकवानपुर, नेपाल) और सरोज कुमारी महतो (नवलपरासी, नेपाल)—को गिरफ्तार किया गया इनके पास से 18,500 रुपये की भारतीय जाली मुद्रा बरामद हुई

मेजरगंज में मिला नकली नोटों का किला

गिरफ्तार तस्करों की निशानदेही पर मोतिहारी और सीतामढ़ी पुलिस ने संयुक्त रूप से मेजरगंज इलाके में छापेमारी की वहां का नजारा देख पुलिस दंग रह गई एक गुप्त ठिकाने पर फिल्मी अंदाज में नकली नोट छापने का सेटअप लगा था पुलिस ने वहां से लगभग 25 लाख रुपये की नेपाली जाली मुद्रा बरामद की छापेमारी में बरामद सामग्री: नकली करेंसी: 25 लाख नेपाली रुपये और 18,500 भारतीय रुपये मशीनरी: हाई-टेक प्रिंटिंग मशीनें, स्कैनर, पेपर कटर

कच्चा माल: जाली नोट छापने का विशेष कागज और उच्च गुणवत्ता वाली स्याही वाहन: एक चार पहिया वाहन और तीन मोटरसाइकिल

कॉर्पोरेट की तरह बंटा था काम

जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह किसी संगठित कंपनी की तरह काम करता था इसमें उत्पादन टीम नोट छापने का काम करती थी, लॉजिस्टिक्स टीम नोटों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाती थी और मार्केटिंग एजेंट इन्हें भीड़भाड़ वाले ग्रामीण बाजारों और साप्ताहिक हाटों में असली नोटों के बीच खपा देते थे

गिरफ्तारी की सूची और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 शातिर अपराधियों को जेल भेजा है

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