इससे न केवल समय और धन की बर्बादी होगी, बल्कि आमजन की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा
साथ ही अनुमंडलीय एवं पुलिस प्रशासन के पुनर्गठन से जनसंख्या संतुलन, नगर निकायों की सीमाओं और स्थानीय रोजगार की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है समाधान के रूप में विधायक अजीत कुमार ने सरकार के समक्ष दो विकल्प रखे हैं पहला, कांटी और मड़वन प्रखंडों को भौगोलिक स्थिति और लोकहित को देखते हुए मुज़फ्फरपुर पूर्वी अनुमंडल में शामिल किया जाए यदि यह संभव न हो, तो कांटी एवं मड़वन के आसपास के प्रखंडों को मिलाकर कांटी में नया अनुमंडल स्थापित किया जाए
विधायक का कहना है कि इन विकल्पों पर अमल करने से क्षेत्र की जनता को यातायात, प्रशासनिक और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध होंगी उन्होंने सरकार से अपील की है कि आमजन की सुविधा और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय में जनहितकारी निर्णय लिया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो