Saturday, March 07 2026

राजस्व महाअभियान एवं फार्मर रजिस्ट्री की सख्त समीक्षा: पांच अंचलाधिकारियों से शो-कॉज, 22 किसान सलाहकार व 22 कृषि समन्वयकों का वेतन बंद, 106 किसान सलाहकार एवं कृषि समन्वयक से स्पष्टीकरण

FIRSTLOOK BIHAR 11:38 AM बिहार

मुजफ्फरपुर : राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से चलाए गये राजस्व महाअभियान की प्रगति की जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने विस्तृत समीक्षा की समाहरणालय में आयोजित बैठक में अंचलवार कार्यों की गहन जांच की गई, जिसमें पांच अंचलों का प्रदर्शन अत्यंत असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अंचलाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में राजस्व महाअभियान के अंतर्गत कुल 1,22,939 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 73.67 प्रतिशत मामलों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई है



जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि डिजिटल इंट्री ही अभियान की सफलता की कुंजी है, क्योंकि इससे पारदर्शिता बढ़ती है, निगरानी आसान होती है और आम जनता को समयबद्ध सेवा सुनिश्चित की जा सकती है



हालांकि समीक्षा में पाया गया कि कांटी, कुढ़नी, सरैया, कटरा और मुसहरी अंचल में ऑनलाइन इंट्री का प्रतिशत अत्यंत कम है आंकड़ों के अनुसार कांटी में मात्र 30 प्रतिशत, कुढ़नी में 49 प्रतिशत, सरैया में 56 प्रतिशत, कटरा में 60 प्रतिशत तथा मुसहरी में 64 प्रतिशत ही आवेदन ऑनलाइन दर्ज किए गए हैं इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने इन पांचों अंचलों के अंचलाधिकारियों से कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है जिलाधिकारी ने बैठक में राजस्व महाअभियान के मूल लक्ष्य को रेखांकित करते हुए कहा कि आम जनता को सरल, पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से सशक्त बनाया जाए, ताकि राजस्व वसूली में तेजी आए और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो उन्होंने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि— -लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए -ऑनलाइन आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए -त्रुटिपूर्ण मामलों में शीघ्र सुधार कर समयबद्ध समाधान दिया जाए

-राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति लाई जाए -सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज की जाए जिलाधिकारी ने कहा कि वे स्वयं लगातार साप्ताहिक समीक्षा एवं मॉनिटरिंग कर रहे हैं और कमजोर प्रदर्शन करने वाले अंचलों को विशेष ध्यान में रखा जा रहा है उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में लापरवाही या उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी दूसरी ओर बैठक में फार्मर रजिस्ट्री की भी गहन समीक्षा की गई समीक्षा में पाया गया कि किसान पंजीकरण की गति अपेक्षित स्तर पर नहीं है इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 22 किसान सलाहकार और 22 कृषि समन्वयकों का वेतन तत्काल प्रभाव से बंद करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है वहीं 106 किसान सलाहकार एवं कृषि समन्वयकों से भी केवल स्पष्टीकरण पूछा गया है

बैठक में पाया गया कि जिले में आज 1,469 किसानों का निबंधन किया गया है तथा 2,306 किसानों का ई-केवाईसी संपन्न हुआ है अब तक कुल 2,61,153 किसानों का निबंधन किया जा चुका है उन्होंने कहा कि किसानों के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य मिशन मोड में किया जाए प्रत्येक किसान तक पहुंच बनाकर सक्रियता एवं तत्परता से निबंधन सुनिश्चित किया जाए

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