शिक्षक केवल ज्ञान का प्रसार नहीं करते बल्कि भावी पीढ़ी को संस्कारों और सकारात्मकता के रंगों से सराबोर करते हैं जिस प्रकार होली का त्यौहार जीवन में विविधता और आनंद लाता है वैसे ही शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं ये बातें औराई विधानसभा क्षेत्र की विधायक व मंत्री बिहार सरकार रमा निषाद ने बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय अतिथि प्राध्यापक संघ के प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता में कही
उन्होंने बताया कि यूजीसी के मानकों पर नियुक्त लगभग तीन हजार अतिथि शिक्षक विगत छह-सात वर्षों से बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं
इनकी सेवा नियमितीकरण की मांग बिल्कुल जायज है शिक्षकों की कमी को पूरा करने में इनकी भूमिका सराहनीय है वे छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करके उनके बेहतर भविष्य के लिए भी तैयार करते हैं
उन्होंने संघ के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि अतिथि प्राध्यापकों के सेवा नियमितीकरण को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को जल्द ही पत्र लिखा जाएगा और समय लेकर वार्ता भी किया जाएगा उन्होंने बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत सभी अतिथि प्राध्यापकों को होली की शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की
वार्ता करने वालों में संघ के डॉ ललित किशोर, डॉ सर्वेश्वर कुमार सिंह, डॉ राकेश कुमार, डॉ स्मिता, डॉ पल्लवी कुमारी, डॉ रविंद्र कुमार, डॉ मुकेश कुमार, डॉ विपिन कुमार, डॉ हरिशंकर भारती, श्री निलेश कुमार आदि मौजूद थे