बी आर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने सोमवार को होली के पर्व को शैक्षणिक और सामाजिक एकजुटता का सर्वोत्कृष्ट प्रतिबिंब बताया कुलपति सचिवालय द्वारा जारी एक संदेश में प्रो. राय ने इस उत्सव को एक वैचारिक और सांस्कृतिक सेतु के रूप में परिभाषित किया, जो परिसर के विभिन्न घटकों को आपस में जोड़ता है
प्रो राय ने कहा कि होली के विविध रंग विश्वविद्यालय के भीतर विभिन्न विषयों के अंतर्संबंधों का प्रतीक हैं
उन्होंने जोर देकर कहा, जिस प्रकार विभिन्न रंग मिलकर एक जीवंत कैनवास तैयार करते हैं, उसी प्रकार विश्वविद्यालय विभिन्न विचारधाराओं और विद्वत्तापूर्ण दृष्टिकोणों के संगम से अपनी शक्ति प्राप्त करता है
होली को शैक्षणिक कायाकल्प का अवसर बताते हुए कुलपति प्रो राय ने कहा कि होलिका दहन की पारंपरिक अग्नि को जड़ता के प्रतीकात्मक त्याग और अज्ञानता पर ज्ञान की विजय के रूप में देखा जाना चाहिए उन्होंने स्पष्ट किया कि बीआरएबीयू जैसे ऐतिहासिक संस्थान के लिए यह त्योहार एक ऐसे सामंजस्यपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है
प्रो राय ने सभी से होली में पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का उपयोग करने और उत्सव के प्रति एक जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध किया प्रो. राय ने आशा व्यक्त की कि उत्सव की यह ऊर्जा आने वाले सत्र में सभी विभागों और कॉलेजों में रचनात्मकता और शोध कार्यों में नई गति प्रदान करेगी इस अवसर पर उनके साथ नैक सलाहकार प्रो. बीएस राय, एलएस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया, प्रो. राजीव कुमार, प्रो. टीके डे, डॉ. शरतेंदु शेखर और डॉ. नवीन कुमार सहित अन्य ने भी विश्वविद्यालय परिवार को होली की शुभकामनाएं दी