मुजफ्फरपुर : रामदयालु सिंह महाविद्यालय गणित विभाग, आइक्यूएसी, मैथमेटिक्स ट्रेनिंग एंड टैलेंट सर्च प्रोग्राम ट्रस्ट एवं नेशनल बोर्ड आफ हायर मैथमेटिक्स, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय गणित ओवरचर कार्यशाला का आयोजन कालेज के श्री कृष्ण सभागार में आयोजित किया गया
वर्कशॉप के उद्घाटन सत्र में शिव नादर विश्वविद्यालय से आये गणित विशेषज्ञ प्रो ए सत्यनारायण रेड्डी ने बताया कि गणित ओवरचर कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को एमटीटीएस शिक्षण पद्धति, रियल एनालिसिस, लिनियर अलजेब्रा और फाउंडेशन जैसे विषयों से परिचित कराना है यह एनबीएचएम के सहयोग से गणितीय प्रतिभा को निखारने का एक अनुठा अवसर है
मैथ टॉक के माध्यम से बच्चे अमूर्त अवधारणाओं को बेहतर समझते हैं, जिससे गणितीय समझ गहरी होती है
गणित विशेषज्ञ डॉ सच्चिदानंद प्रसाद, आईआईटी दिल्ली ने कहा कि ओवर्चर कार्यशाला छात्रों को न केवल गणितीय हल करना सीखाता है, बल्कि क्यों और कैसे पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है, जो समस्या समाधान में मदद करता है
प्राचार्य डॉ शशि भूषण कुमार ने आगत अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि इस कार्यशाला के आयोजन से अध्यापन की एक नई तकनीक विकसित की गई है, जो व्यवहारिक अनुप्रयोग पर आधारित है इस वर्कशाप के माध्यम से छात्र गणित को एक भाषा के रूप में उपयोग करना सिखते हैं यहां छात्र अपने गणित के विचारों को मौखिक और लिखित रूप से व्यक्त करते हैं
गणित विशेषज्ञों ने कुल चार सत्रों में वर्कशॉप का आयोजन किया, जहां विद्यार्थियों को फाउंडेशन और रियल एनालिसिस के विभिन्न आयामों को बताया गया
*इस वर्कशॉप में 12 कॉलेजों के 66 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया और भाग लिया
-आरडीएस कॉलेज समेत विभिन्न कॉलेजों से गणित विशेषज्ञ डॉ भगवान कुमार, डॉ अशोक कुमार साह, डॉ आलोक त्रिपाठी, प्रो भोला मोहाली, डॉ पूजा लोहान, डॉ किसलय किशोर ने वर्कशॉप को काफी बौद्धिक एवं उपयोगी बनाया
वर्कशॉप में विषय प्रवेश कराते हुए समन्वयक डॉ भगवान कुमार ने बताया कि यह वर्कशॉप दैनिक जीवन की समस्याओं में गणितीय नियमों के उपयोग को समझने में छात्रों को मदद करेगा
कॉलेज शिक्षकों में डॉ नीलिमा झा,डॉ रजनीकांत पांडे, डॉ जयदीप घोष, डॉ नीरज कुमार मिश्रा, डॉ अनुराधा पाठक, डॉ कृतिका वर्मा, डॉक्टर प्रियंका दिक्षित, डॉ दीपक कुमार, डॉ आरती मित्रा, डॉ ललित किशोर आदि उपस्थित रहे
कार्यक्रम का संचालन समन्वयक डॉ भगवान कुमार ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रजनीकांत पांडे ने किया