मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में सरकार द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की प्रखंडवार समीक्षा की गई बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कार्यों के समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक सुगमता से पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें
बैठक में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों और नल-जल योजनाओं की सूची प्रखंडवार तैयार की जाए उन्होंने उप विकास आयुक्त को इस कार्य की नियमित समीक्षा कर सभी खराब चापाकलों एवं नल-जल योजनाओं को शीघ्र ठीक कराने का निर्देश दिया साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो चापाकल बिल्कुल पुराने और जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं, उन्हें हटाकर नई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि गर्मी के मौसम में आम लोगों को पेयजल की किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े
जिलाधिकारी ने लोक सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आम नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया उन्होंने सभी प्रखंडों और अंचलों में आरटीपीएस काउंटर को सक्रिय रखने तथा नियमानुसार प्राप्त आवेदनों का समय पर निष्पादन करने का निर्देश दिया इसके साथ ही सभी आवेदनों की प्रविष्टि संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और नागरिकों को सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को कार्यालय में उपस्थित रहकर आम जनता से संवाद करें और उनकी समस्याओं तथा शिकायतों की सुनवाई कर उनका समुचित समाधान सुनिश्चित करें जिलाधिकारी ने कहा कि जिला, नगर निकाय, प्रखंड, अंचल और पंचायत स्तर पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जाए इसके साथ ही मुख्यमंत्री जनता दरबार से प्राप्त मामलों का भी शीघ्र निपटारा कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई जिलाधिकारी ने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि जिले के शेष बचे हुए आंगनबाड़ी केंद्रों को भी नल-जल योजना से आच्छादित किया जाए इसके लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) को सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से प्रतिवेदन प्राप्त कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया
भूमि से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने म्यूटेशन, परिमार्जन और भूमि मापी के मामलों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया उन्होंने कहा कि इन मामलों के लंबित रहने से आम लोगों को काफी परेशानी होती है, इसलिए इनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए
बैठक के दौरान मेडिकल कचरे (बायो-मेडिकल वेस्ट) के अनुचित निपटान से होने वाले खतरों पर भी विस्तृत चर्चा की गई जिलाधिकारी ने कहा कि मेडिकल कचरे का यत्र-तत्र फेंका जाना न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि इससे मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ मेडिकल कचरे के वैज्ञानिक एवं नियमसम्मत प्रबंधन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
बैठक में बताया गया कि अस्पतालों, क्लीनिकों, पैथोलॉजी लैब, पशु चिकित्सा केंद्रों तथा टीकाकरण केंद्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बायो-मेडिकल कचरा निकलता है यदि इसका उचित तरीके से निपटान नहीं किया जाए तो यह संक्रमण और प्रदूषण का बड़ा कारण बन सकता है संक्रमित सुई, ब्लेड, ड्रेसिंग सामग्री तथा रक्त और शारीरिक द्रव से सने पदार्थ कई गंभीर रोगों के प्रसार का माध्यम बन सकते हैं
जिलाधिकारी ने बताया कि खुले में मेडिकल कचरा जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और जहरीली गैसें वातावरण में फैलती हैं वहीं रासायनिक अपशिष्ट मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर दीर्घकालिक पर्यावरणीय क्षति पहुंचाते हैं