सीतामढ़ी : जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा सभी 6 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं— मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, बिहार निःशक्ता पेंशन योजना एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्ता पेंशन योजना— के अंतर्गत लाभुकों का कॉमन सर्विस सेंटर (वसुधा केंद्र) के माध्यम से निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण कराने हेतु सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा नगर निकायों के उप नगर आयुक्त/नगर कार्यपालक पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, सीतामढ़ी द्वारा अवगत कराया गया कि कुल 3,96,116 पेंशनधारियों में से अब तक 2,79,626 का जीवन प्रमाणीकरण पूर्ण हो चुका है, जबकि 1,16,459 पेंशनधारियों का प्रमाणीकरण शेष है
इस पर जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत जीवन प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया जाए
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के पश्चात केवल उन्हीं पेंशनधारियों को पेंशन का भुगतान किया जाएगा, जिनका जीवन प्रमाणीकरण पूर्ण होगा
जिला पदाधिकारी ने डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि पंचायत सचिवों के माध्यम से सभी पेंशनधारियों का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए सत्यापन के दौरान मृत पाए जाने वाले पेंशनधारियों की सूची संबंधित पंचायत भवन पर आपत्ति हेतु प्रकाशित की जाए तथा तत्पश्चात प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा ई-लाभार्थी पोर्टल के माध्यम से उन्हें डेथ मार्क किया जाए
उन्होंने सभी प्रखंडों एवं नगर निकाय क्षेत्रों में जीवन प्रमाणीकरण को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने पर भी बल दिया, ताकि कोई भी पात्र लाभुक वंचित न रह जाए
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की तथा निर्देश दिया कि जिन पंचायतों एवं नगर निकायों में शून्य प्रविष्टि है, वहां अविलंब प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री संदीप कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग लाल कृष्ण राय, सहायक निदेशक दिव्यांगजन कोषांग सुश्री जया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, उप नगर आयुक्त एवं नगर कार्यपालक पदाधिकारी जुड़े रहे