राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच ने, क्षेत्रीय स्थिरता में विशाल भारत की भूमिका विषय पर किया गोष्ठी का आयोजन
मुजफ्फरपुर : राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, मुजफ्फरपुर इकाई की ओर से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय सीनेट हाॅॅल में क्षेत्रीय स्थिरता में विशाल भारत की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य वक्ता व मंच के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए विशाल भारत की अवधारणा अहम है. उन्होंने कहा कि संवाद संस्कृतिक संबंधों के आधार पर भारत को सशक्त व व्यापक बनाया जा सकता है . बुधवार को बीआरएबीयू के सीनेट हाॅॅल में आयोजित इस संगोष्ठी को संबोधित करते हुये उन्होंने विस्तार पूर्वक चर्चा की . श्री सिंह ने कहा कि विशाल भारत को समझने के लिए उसके आध्यात्मिक व सांस्कृतिक चरित्र को जानना जरूरी है .पड़ोसी देशों, जैसे नेपाल, बांग्लादेश व श्रीलंका में हाल के वर्षों में हुई उथल-पुथल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक विभाजन, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती है. ऐसे में भारत को संवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव के जरिए संतुलन बनाना होगा. उन्होंने सार्क की असफलता का कारण राजनीतिक अस्थिरता बताया और कहा कि यदि इसे आध्यात्मिक आधार से जोड़ा जाता, तो यह अधिक प्रभावी हो सकता था. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुजफ्फरपुर नगर विधायक रंजन कुमार ने कहा कि देश आत्मनिर्भरता की दिशा में काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन नागरिकों को भी सुरक्षा के प्रति सजग राहना होगा.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच के राष्ट्रीय संचालन समिति सदस्य,आरएसएस प्रचारक,गोलोक बिहारी राय ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सीमाओं की रक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. हमारी सीमाएं कई देशों से जुड़ी है, इसलिए सांस्कृतिक चेतना बढ़ाना आवश्यक है. उन्होंंने कोरोना काल की चर्चा करते हुए कहा कि कोरोना में भारत द्वारा अन्य देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना वैश्विक जिम्मेदारी का उदाहरण है.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन व विवि के शिक्षक उपस्थित थे. इसके पूर्व मंच के मुजफ्फरपुर इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया. मंच संचालन अंकज व धन्यवाद झापन मंच के महामंत्री डॉ केएस शेखर ने किया.