इसके कारण कांटी, मड़वन सहित जिले के अन्य प्रखंडों में तैयार गेहूं की फसल के साथ-साथ मक्का, आम और लीची की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है
अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से किसान काफी परेशान हैं और उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है
उन्होंने कहा कि जिले के कई किसान खेती के लिए कर्ज लेकर फसल तैयार करते हैं ऐसे में फसल बर्बाद होने से उनके सामने दोहरी समस्या खड़ी हो गई है एक ओर उपज नष्ट हो गई है, वहीं दूसरी ओर लिए गए ऋण को चुकाने की चिंता भी बढ़ गई है समय पर राहत नहीं मिलने पर किसानों की स्थिति और गंभीर हो सकती है
ई. अजीत कुमार ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि कृषि विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर फसल क्षति का सर्वे कराया जाए साथ ही वास्तविक नुकसान का आकलन कर शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के प्रति प्रशासन को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए और जल्द से जल्द राहत प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए