मुजफ्फरपुर : आरडीएस कॉलेज इतिहास विभाग की ओर से कार्यशाला में: ऐतिहासिक साक्ष्यों के विश्लेषण, प्राथमिक/द्वितीय स्रोतों के उपयोग, सही साइटेशन और अकादमिक लेखन कौशल के बारे में छात्रों को बताया गया
स्थानिक/मौखिक इतिहास, डेटा का विश्लेषण और प्रभावी ढंग से प्रोजेक्ट फाइल तैयार करने के व्यावहारिक तरीके पर भी प्रकाश डाला गया
कार्यशाला में पीजी थर्ड सेमेस्टर के छात्रों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ शिक्षक व सीनेट सदस्य डॉ संजय कुमार सुमन ने बताया कि शोध लेखन में इतिहास की प्रासंगिकता अतीत की घटनाओं, संस्कृतियों और मानवीय अनुभवों का विश्लेषण कर वर्तमान संदर्भ को समझने, नीति निर्धारण में सुधार करने और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए अनिवार्य है
कार्यशाला के माध्यम से आलोचनात्मक सोच, साक्ष्य आधारित विश्लेषण और सामाजिक आर्थिक विकास के पैटर्न को उजागर कर बेहतर भविष्य के निर्णय लेने में समझ पैदा होती है
विभागाध्यक्ष डॉ एम एन रजवी ने कहा कि असाइनमेंट लेखन में प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों का उपयोग करके मानवीय गतिविधियों और घटनाओं का सटीक पुनर्निर्माण और व्याख्या करना अति आवश्यक है
कार्यशाला में डॉ अजमत अली, डॉ अनुपम कुमार, डॉ ललित किशोर, डॉ रविंद्र कुमार ने भी अपने विचार रखे
धन्यवाद ज्ञापन डॉ ललित किशोर ने किया