Thursday, April 23 2026

चमकी बुखार पर सख्त प्रहार: मुजफ्फरपुर की 373 पंचायतों में संध्या चौपाल की हुई शुरुआत

FIRSTLOOK BIHAR 16:37 PM बिहार

जीरो डेथ लक्ष्य के साथ प्रशासन अलर्ट: हर शनिवार गांव-गांव गूंजेगा चमकी बुखार बचाव संदेश

जिलाधिकारी ने मुसहरी प्रखंड के मनिका बिशनपुर चांद पंचायत में आयोजित संध्या चौपाल में भाग लेकर आम नागरिकों को जागरुक करते हुए आवश्यक एहतियाती उपायों का पालन करने का किया आह्वान
मुजफ्फरपुर : गर्मी के मौसम के आगमन के साथ ही जिले में चमकी बुखार (एईएस) को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है इसी कड़ी में आज से पूरे जिले में चमकी बुखार की रोकथाम एवं बचाव हेतु व्यापक जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा जिले के सभी 373 पंचायतों में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों की पंचायतवार तैनाती की गई है तथा प्रत्येक शनिवार को संध्या चौपाल आयोजित करने का आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत आज जिले के सभी पंचायतों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया गया





इस अभियान का मुख्य कार्यक्रम मुसहरी प्रखंड के मनिका बिशनपुर चांद स्थित उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, विकास मित्र, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित हुए





कार्यक्रम की शुरुआत जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम , सिविल सर्जन सुधीर कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया सभा को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता और सजगता से कार्य करना होगा उन्होंने स्पष्ट कहा कि चमकी बुखार जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए प्रशासनिक तत्परता के साथ-साथ जनसहभागिता भी बेहद जरूरी है

लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचाने की अपील

जिलाधिकारी ने आमजन, विशेषकर अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी भी बच्चे में चमकी बुखार के लक्षण दिखाई दें, तो बिना किसी देरी के उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में पहुंचाएं उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद हैं, जिन्हें इस बीमारी के उपचार की पूरी जानकारी दी गई है साथ ही अस्पतालों में सभी आवश्यक दवाएं, ग्लूकोज एवं चिकित्सा संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है

गर्मी में सतर्कता और बच्चों के पोषण पर जोर

जिलाधिकारी ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए

बच्चों को समय पर भोजन देना, पर्याप्त पानी पिलाना और धूप से बचाना अत्यंत आवश्यक है उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें और विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी जीरो डेथ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संकल्पित रहें इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों के परिजनों को जीविका द्वारा तैयार फूड बास्केट भेंट की

घर-घर सर्वे और निगरानी के निर्देश

जिला पदाधिकारी ने आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका एवं जीविका दीदियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर 0 से 15 वर्ष तक के बच्चों की वार्डवार सूची तैयार करें और उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और निगरानी से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है

क्या है चमकी बुखार और इसके कारण

चमकी बुखार मुख्यतः बच्चों (0-15 वर्ष) में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो अत्यधिक गर्मी, कुपोषण, खाली पेट सोने और शरीर में ग्लूकोज की कमी के कारण होती है इसके अतिरिक्त तेज धूप में अधिक समय तक रहने, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) तथा अस्वच्छ खान-पान भी इसके प्रमुख कारण हैं जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को कभी भी खाली पेट नहीं सोने दें और उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक आहार अवश्य दें



चमकी बुखार के प्रमुख लक्षण

इस बीमारी के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं -तेज बुखार
-शरीर में ऐंठन या झटके (चमकी आना)
-बेहोशी या अत्यधिक सुस्ती
-बार-बार उल्टी होना
पसीना आना एवं कमजोरी
-सुबह के समय अचानक स्थिति बिगड़ना
जिलाधिकारी ने कहा कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है ऐसे में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना अनिवार्य है

बचाव के लिए जरूरी उपाय

चमकी बुखार से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि कुछ सरल सावधानियों का पालन किया जाए इसके लिए बच्चों को रात में बिना खाना खाए न सुलाएं गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थ दें दोपहर की तेज धूप में बच्चों को बाहर जाने से रोकें हल्का, सुपाच्य एवं पौष्टिक भोजन दें घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें साथ ही आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर इन उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करें

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