सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार ने डेटा पारदर्शिता पर जोर देते हुए सभी निजी अस्पतालों को कड़ा निर्देश दिया कि वे प्रसव पूर्व जांच और संस्थागत प्रसव की मासिक रिपोर्ट हर महीने की एक से पांच तारीख के बीच अनिवार्य रूप से एच एम आई एस पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पतालों द्वारा दी जा रही सभी सुविधाओं की ऑनलाइन एंट्री समय पर होनी चाहिए जिन विशेष सूचकांकों की ऑनलाइन विवरणी उपलब्ध नहीं है, उनके आंकड़ों को हार्ड कॉपी के रूप में विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा
बैठक में आयुष्मान भारत (पी एम जे वाई) योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई सिविल सर्जन ने निजी अस्पतालों को निर्देशित किया कि वे सत्तर साल से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें और ऐसे लाभार्थियों की एक सूची अपने पास सुरक्षित रखें इसके अतिरिक्त, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने अस्पतालों को हाइड्रोसील ऑपरेशन यानी हाइड्रोसेलेक्टॉमी की विवरणी प्रत्येक महीने डीभीबीडीसीओ कार्यालय को उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए ताकि जिला स्तर पर स्वास्थ्य डेटा को सटीक रखा जा सके
इस समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे इनमें सीडीओ डॉ सी के दास, डीपीएम रेहान अशरफ, डीपीसी विमला कुमारी और डीएम एंड ईओ अमित कुमार वर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे साथ ही बैठक में डॉ सतीश कुमार सिंह, उदय कुमार, और पिरामल स्वास्थ्य की ओर से ऋतु सिंह, इफ्तिखार अहमद खान एवं राजीव कुमार सिंह ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई