रामदयालु सिंह महाविद्यालय के कृष्ण सभा भवन में विरासत सांस्कृतिक टीम द्वारा दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुष्मिता झा ने कहा कि कला मानव के जीवन में संवेदना, करुणा और सहानुभूति की भावना पैदा करती है चित्रकारी, कविता, नृत्य- संगीत के माध्यम से हम खुशी, दुख, प्रेम एवं क्रोध जैसी भावनाओं का अनुभव करते हैं कला हमें भावनात्मक रूप से समृद्ध बनाती है
छात्रों को सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए क्योंकि ये उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक है
रामदयालु सिंह महाविद्यालय द्वारा आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव अपने आप में अनूठा है उन्होंने विरासत टीम को इसके लिए धन्यवाद दिया
प्राचार्य डॉ शशि भूषण कुमार ने कहा कि कला विद्यार्थियों के अंदर रचनात्मकता, आत्मविश्वास और संचार कौशल को बढ़ावा देता है यह सामाजिक भावनात्मक विकास, टीम भावना और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान को भी मजबूत करता है बेशक कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है
शिक्षकों ने भी गायन की प्रस्तुति की: प्राचार्य समेत डॉ रजनीकांत पांडे, डॉ नीरज मिश्रा और डॉ आरती कुमारी ने गायन की प्रस्तुति कर छात्र-छात्राओं का हौसला बढाया
सोलो डांस, सोलो गीत, रंगोली, आर्ट एंड क्राफ्ट में आलिया गजल, विद्या सिंह, सूरज पासवान, नसरीन, प्रवीण, अहमदी जेया, शिवानी, रश्मि भारती, अनामिका एवं सुप्रिया ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया
कला प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन जज के रूप में डॉ नीलिमा झा, डॉ कृतिका वर्मा, डॉ श्रुति मिश्रा, डॉ राजेश कुमार, डॉ रजनीकांत पांडे, डॉ आयशा जमाल, डॉ अनुराधा पाठक, डॉ संध्या, सुश्री डेजी, दिव्या आदि ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
मौके पर सभी विभागों के शिक्षक गण एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे