उन्होंने सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति पर संतोष व्यक्त किया
समीक्षात्मक बैठक में जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने पीपीटी के माध्यम से जिला/ प्रखंड आकांक्षी कार्यक्रम के तहत संचालित कार्यों की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की अपर सचिव ने अधिकारियों की कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण भाव की तारीफ करते हुए किये गये कार्यों को जानोपयोगी बनाये रखने हेतु प्रयासरत रहने की आवश्यकता पर बल दिया
समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले के समग्र और तीव्र विकास के उद्देश्य से संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational District Programme) के तहत मुजफ्फरपुर जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, वित्तीय समावेशन और आधारभूत संरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले को कई बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है नीति आयोग द्वारा जिले को बेहतर प्रदर्शन के लिए करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है, जिससे विकास कार्यों को और गति मिली है
जिले की उपलब्धियो को रेखांकित करते हुए बताया गया कि वर्ष 2019-20 में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुजफ्फरपुर को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और 3 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली इसके बाद वर्ष 2020-21 में कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में भी जिला पहले स्थान पर रहा, जिसके लिए 3 करोड़ रुपये प्रदान किए गए वर्ष 2021-22 में ओवरऑल प्रदर्शन में जिले ने दूसरा स्थान प्राप्त किया और 2 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की
इसके अतिरिक्त वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण तथा ‘नर्चर एंड केयर’ श्रेणी में बेहतर कार्य के लिए जिले को 3 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली
वर्ष 2024-25 में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में पुनः प्रथम स्थान हासिल करते हुए जिले ने 3 करोड़ रुपये अर्जित किए वहीं कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में भी प्रथम स्थान प्राप्त कर 3 करोड़ रुपये की राशि हासिल की स्किल डेवलपमेंट एवं वित्तीय समावेशन में तीसरे स्थान के लिए 1 करोड़ रुपये और ओवरऑल प्रदर्शन में प्रथम स्थान प्राप्त कर 3 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी जिले को मिली इस प्रकार कुल मिलाकर जिले को लगभग 33 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है
आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत प्राप्त इन निधियों का उपयोग विभिन्न विकास परियोजनाओं में किया गया है शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए ‘प्रगति पाठशाला’ योजना लागू की गई, जिसके अंतर्गत 16 मिडिल स्कूलों और 16 उत्क्रमित उच्च विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया साथ ही, 16 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पुस्तकालय स्थापित किए गए
जिले में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 90 मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए
इन स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से छात्रों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी समझ और सीखने की क्षमता में वृद्धि हुई है इसके अलावा 45 पंचायत सरकार भवनों में सामुदायिक लर्निंग सेंटर विकसित किए गए, जहां छात्रों और आम लोगों को पुस्तकालय, इंटरनेट और डिजिटल संसाधनों की सुविधा मिल रही है
कृषि क्षेत्र में भी जिले ने कई नवाचार किए हैं सौर ऊर्जा आधारित सामुदायिक सिंचाई प्रणाली को तीन प्रखंडों में लागू किया गया, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और टिकाऊ व्यवस्था उपलब्ध हुई है इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार आया है