विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग, विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभाग व विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान उत्तर बिहार प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में सीनेट हॉल में भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र पर आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में विद्या भारती उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री के एन रघुनंदन ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा समग्र, तर्क आधारित और समावेशी है यह हमारी समृद्ध बौद्धिक विरासत है यह ज्ञान परंपरा वास्तव में सृष्टि केंद्रित है, जो वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवंतु सुखिन: के मूल सिद्धांतों पर आधारित है
यह मानव को प्रकृति का एक अभिन्न हिस्सा मानती है
ज्ञान, विज्ञान और आध्यात्म अलग नहीं, बल्कि एक ही सृष्टि का हिस्सा है ज्ञान परंपरा की भारतीय अवधारणा केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास को भी शामिल करती है राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों के समग्र विकास के लिए पंचकोश सिद्धांत को लागू किया गया है विद्या भारती उच्च शिक्षा भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनरुद्धार एवं विकास में अहम भूमिका निभा रही है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय केंद्रित ज्ञान को आगे बढ़ाना है
क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के ख्याली राम ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में मातृभाषा को ज्ञान, संस्कृति और अस्मिता का मूल आधार माना गया है यह केवल संवाद का साधन नहीं बल्कि चिंतन, संज्ञानात्मक विकास और सांस्कृतिक धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है वर्तमान में हिंदी भारतीय चिंतन का वाहक बनी हुईं है
भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सचिव प्रो सच्चिदानंद मिश्रा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों से अवलोकन, प्रयोग और तर्क पर आधारित वैज्ञानिक सोच की परिचायक है यह ज्ञान परंपरा अनुसंधान केंद्रित है और आज भी प्रासंगिक है
अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय ने कहा कि गाय, गंगा और जमीन हमारी समृद्ध संस्कृति का परिचायक है भारतीय ज्ञान परंपरा को समग्रता में देखने की जरूरत है इसका उद्देश्य पूरे विश्व में विश्व बंधुत्व के दर्शन को फैलाना है ज्ञान परंपरा के समृद्ध विरासत को फैलाना, इसका अध्ययन करना और और युवाओं को इसके प्रति जागरूक करना हम सबों का दायित्व बनता है उन्होंने विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ रजनीश कुमार गुप्ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित कर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी रेखा खींचने का काम किया है कुलपति ने मनोविज्ञान विभाग के सभी सदस्यों को इस संगोष्ठी के आयोजन हेतु धन्यवाद दिया
विद्या भारती के प्रो रमन त्रिवेदी ने विद्या भारती उच्च शिक्षा के कार्य योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला
विषय प्रवेश कराते हुए डॉ रजनीश कुमार गुप्ता ने भारतीय ज्ञान परंपरा के बहुविषयक चरित्र पर प्रकाश डाला
बताया कि दो दिनों तक चलने वाले इस संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक आधार, तकनीकी उन्नति के साथ संबंध, भारतीय ज्ञान परंपरा में नेतृत्व, प्रबंधन एवं प्रशासन में भूमिका के साथ-साथ ज्ञान परंपरा का शिक्षा एवं शिक्षा शास्त्र से संबंध पर विस्तार से चर्चा होनी है
कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ तूलिका सिंह एवं धन्यवाद विज्ञापन डॉ निखिल रंजन प्रकाश ने किया