बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने भारतीय सुरक्षा बलों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की कुलपति ने इस अभियान को पराक्रम और गौरव का एक वर्ष बताते हुए कहा कि यह मिशन केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की सामंजस्य और स्वदेशी तकनीकी क्षमता का एक बेमिसाल उदाहरण है उन्होंने कहा कि कि 7 मई 2025 का यह ऑपरेशन भारत की बदलती और सशक्त होती रक्षा नीति का जीता-जागता प्रमाण है
कुलपति प्रो. राय ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना के सटीक प्रहार, नौसेना की रणनीतिक घेराबंदी और थल सेना की मुस्तैदी ने राष्ट्र को जो सुरक्षा कवच प्रदान किया है, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है
इस ऑपरेशन में प्रयुक्त स्वदेशी हथियार और डेटा-लिंक प्रणालियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत अब वास्तविक तकनीकी संप्रभुता की ओर बढ़ चुका है उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वदेशी तकनीक के बल पर हमने सभी चुनौतियों को पार कर अपनी रक्षा स्वावलंबन की शक्ति को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है
प्रो. राय ने सभी से आह्वान किया कि छात्र हमारे रक्षा बलों के कठोर अनुशासन और स्वदेशी अनुसंधान की शक्ति से सीख लें उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का सबसे बड़ा संदेश यही है कि शांति बनाए रखने के लिए सामरिक तैयारी अनिवार्य है मौके पर प्रॉक्टर प्रो आरके चौधरी, प्रो. रजनीश गुप्ता, डॉ अमर बहादुर शुक्ला, डॉ नवीन कुमार सहित अन्य मौजूद रहे