पटना : बिहार की प्राचीन व विलुप्तप्राय होती जा रही वज्जिका चित्रकला परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए A.N. College में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं कला प्रेमियों को वज्जिकांचल क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत से परिचित कराना था
कार्यक्रम के दौरान Sanjeevan : The Rediscovery of Vajjika Painting नामक वृत्तचित्र फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें वज्जिका चित्रकला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, शैलीगत विशेषताएँ, प्रतीकात्मकता तथा इसके पुनर्जीवन के प्रयासों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया
वृत्तचित्र प्रदर्शन के पश्चात विषय पर विस्तृत चर्चा सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित विद्वानों एवं विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त किए
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य Prof. Shailesh Singh, इतिहास विभागाध्यक्ष Dr. Sanjeet Lal, IQAC समन्वयक Dr. Vikash Kumar तथा कार्यक्रम समन्वयक Dr. Archana Chaudhary उपस्थित रहे कार्यक्रम में अनेक प्राध्यापक, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भी सम्मिलित हुए
वज्जिका चित्रकला परंपरा के पुनर्खोज एवं पुनर्जीवन के अग्रणी, निफ्ट दिल्ली के लेदर डिज़ाइन के विभागाध्यक्ष डॉ उज्ज्वल अंकुर ने National Institute of Fashion Technology, नई दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम द्वारा कार्यक्रम को संबोधित किया उन्होंने कहा कि वज्जिका चित्रकला अपनी विशिष्टता एवं प्राचीनता के कारण भारतीय लोक एवं पारंपरिक कला परंपराओं में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है उन्होंने इस कला परंपरा को संरक्षित, संवर्धित एवं सतत बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया साथ ही उन्होंने अपने पंद्रह वर्षों से अधिक समय से चल रहे शोध एवं पुनर्जीवन प्रयासों के अनुभव भी साझा किए
कार्यक्रम में वज्जिका कलाकार Neha Kumari, Sonali Kumari, Anjali Prakash तथा Anita Singh भी उपस्थित रहीं कलाकारों ने अपने हस्तनिर्मित वज्जिका चित्रों का प्रदर्शन किया तथा उन्हें सम्मानस्वरूप अतिथियों को भेंट किया
अपने संबोधन में प्राचार्य Prof. Shailesh Singh ने कलाकारों एवं शोधकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वज्जिका चित्रकला बिहार की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है
उन्होंने इस कम चर्चित किंतु अत्यंत विशिष्ट कला परंपरा को पुनर्जीवित करने हेतु पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं
कार्यक्रम का समापन वज्जिका चित्रकला के संरक्षण, प्रचार-प्रसार एवं नई पीढ़ी तक इसकी पहुँच सुनिश्चित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ