रामदयालु सिंह महाविद्यालय में पीयूसीएल मुजफ्फरपुर इकाई के तत्वावधान में मानवाधिकार, पीयूसीएल और हम विषय पर आयोजित वार्ता में पीयूसीएल बिहार राज्य इकाई के प्रमुख नंदकिशोर ने बिहार में पीयूसीएल की गतिविधि और सांगठनिक विस्तार पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि पीयूसीएल नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अनवरत प्रयास करता है नागरिकों में अपने मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करता है
दमनकारी कानून को वापस लेने और निरस्त करने के लिए संघर्ष करता है
इतना ही नहीं मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों में विशेष रूप से हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए कानूनी सहायता भी प्रदान करता है निष्पक्ष न्यायपूर्ण समाज का निर्माण करना पीयूसीएल की प्राथमिकता में होता है
पीयूसीएल बिहार इकाई के सचिव कृष्ण मुरारी ने कहा कि बिहार में पीयूसीएल को मजबूत करने का मुख्य उद्देश्य राज्य में नागरिक स्वतंत्रताओं, मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है बिहार में पीयूसीएल की सक्रियता को बढ़ाना मुख्य उद्देश्य है अब पीयूसीएल से छात्र और शिक्षकों का जुड़ाव बढ़ा है पीयूसीएल मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ संघर्ष, नफरत की भाषणों पर रोक, पुलिस ज्यादती, हिरासत में मौत और फर्जी मुठभेड़ की जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम करती है नागरिकों के स्वतंत्रता की रक्षा, कानूनी सहायता और हस्तक्षेप एवं इसके साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने का अनवरत पहल पीयूसीएल करता है
पीयूसीएल बिहार इकाई की उपाध्यक्ष प्रीति कुमारी ने कहा कि पीयूसीएल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है आज पीयूसीएल पुलिस हिंसा, हिरासत में यौन शोषण और अन्य गंभीर मामलों में जांच और हस्तक्षेप करता है
पीयूसीएल इस बात को सुनिश्चित करता है कि महिलाओं को हिंसा मुक्त और गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार मिले
वार्ता में पीयूसीएल मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष प्रो के के झा, शाहिद कमाल, प्रो के के कौशिक, सुरेंद्र कुमार, सिनेट सदस्य प्रो संजय कुमार सुमन, डॉ नीरज मिश्रा, मुंद्रिका दास, महेश्वर प्रसाद बौद्ध, डॉ ललित किशोर, रंजीत कुमार, विष्णुदेव यादव, अभय कुमार, दिनकर कुमार, आशुतोष कुमार, अमरेंद्र कुमार, हरे राम महतो, मुन्ना कुमार पंकज कुमार, शंभू शरण आदि ने अपने विचार रखे
कार्यक्रम में मंच संचालन व विषय प्रवेश डॉ एम एन रजवी ने किया