लंगट सिंह महाविद्यालय एवं 32 बिहार बटालियन एनसीसी के संयुक्त तत्वाधान में ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर एक भव्य व्याख्यान का आयोजन किया गया अपने अध्यक्षीय संदेश में प्राचार्या डॉ. कनुप्रिया ने सेना के पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की अभूतपूर्व सफलता भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और उसके विभिन्न अंगों के बीच स्थापित उत्कृष्ट समन्वय की जीती-जागती मिसाल है प्रो. कनुप्रिया ने पड़ोसी मुल्क की हरकतों पर प्रहार करते हुए स्पष्ट किया कि प्रायोजित आतंकवाद न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए चुनौती था, बल्कि यह सीधे तौर पर देश की संप्रभुता पर हमला था
उन्होंने कहा कि बेहद प्रतिकूल और कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमारी सेना ने न केवल डटकर सामना किया, बल्कि गौरवशाली विजय भी हासिल की
व्याख्यान में मनोविज्ञान विभाग के डॉ. ऋतुराज कुमार ने वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि इस ऑपरेशन से विश्व भर में भारत के सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. राजीव कुमार ने सामरिक बारीकियों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस मिशन का मूल ध्येय आतंकी संगठनों की कमर तोड़ना था, जिसे सेना ने अपनी सूझ-बूझ और रणनीतिक कौशल से बखूबी अंजाम दिया
इस गरिमामयी समारोह के दौरान सैन्य परंपराओं का निर्वहन करते हुए मेधावी एनसीसी कैडेट्स का मान बढ़ाया गया कैडेट सृष्टि को अंडर ऑफिसर और असांसी कुमारी को कंपनी क्वार्टर मास्टर सार्जेंट मेजर के रैंक से नवाजा गया कार्यक्रम में डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. धीरेंद्र सिंह, डॉ. संतोष कुमार अनल सहित डॉ. पवन, डॉ. दीपक, डॉ. शिवेंद्र मौर्य, डॉ. सेराजुल हक फैजी और डॉ. नवीन कुमार, संजीव चौधरी, गुरु प्रसाद कश्यप और अशोक कुमार सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद रहे