इनकी मांग बिल्कुल जायज है
विगत वर्षों में अतिथि शिक्षकों ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर अध्यापन कार्य, परीक्षाओं का संचालन, मूल्यांकन कार्य के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक निरंतरता को बनाए रखा है इसके साथ ही शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद संस्थानों को सुचारू रूप से चलाने में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है 2025 में विधान परिषद की शिक्षा समिति ने उनकी सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित करने की सिफारिश की है उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सरकार के निर्देश के आलोक में शिक्षा समिति की बैठक की जाएगी एवं मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मिलकर 65 वर्ष तक के सेवा समायोजन को लेकर पहल की जाएगी
बिहार विश्वविद्यालय अतिथि प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ ललित किशोर ने बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसाओं को जल्द लागू करने की मांग की है उन्होंने कहा कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के तत्वावधान में सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिमंडल इसी सप्ताह शिक्षा समिति के अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों से मुलाकात कर मांगो के समर्थन में पहल करेगा राज्य प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से समय लेकर अपनी मांगों को रखेगा
मौके पर संघ के डॉ सर्वेश्वर कुमार सिंह, डॉ नितेश कुमार, डॉ राकेश कुमार, डॉ मयंक कुमार, डॉ राकेश रंजन, डॉ राजेंद्र राय, प्रो सुभाष कुमार आदि उपस्थित थे