मुजफ्फरपुर : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर निर्देश संस्था ने उप श्रमायुक्त कार्यालय तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वार विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन परियोजना अंतर्गत भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपेक्षाकृत सहयोग किया कार्यक्रम का प्रारंभ श्री अजय कुमार, श्रम अधिक्षक महोदय द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी से किया गया तत्पश्चात कार्यशाला के माध्यम से श्रम अधिक्षक महोदय , सहायक निदेशक महोदय, श्रम परिवर्तन पदाधिकारी, निर्देश संस्था के प्रतिनिधि द्वारा उपस्थित लोगों को बाल मजदूरी रोक थाम को लेकर जागरूक करने का प्रयास किया गया
बच्चों को पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्य से प्रोत्साहित किया गया
बाल मजदूरी रोक थाम को लेकर उपस्थित लोगों ने सामूहिक शपथ भी लिया विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर जून माह में पुलिस व श्रम विभाग के सहयोग से 02 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया
निर्देश संस्था ने जिले में बाल मजदूरी के खिलाफ जनजागरूकता अभियान भी चलाए जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के अफसरों, सामुदायिक नेताओं और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया निर्देश संस्था बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है
मुक्त कराए गए बच्चों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच है और ये कई वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में पिछले कुछ महीने से काम कर रहे थे शुरुआती जांच से पता चला है कि इनसे बेहद अमानवीय और शोषणकारी स्थितियों में काम लिया जा रहा था स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्थितियों में मामूली पैसे पर इन्हें दिन रात खटाया जा रहा था जिससे इनकी सेहत व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा था बच्चों को मुक्त कराने के बाद जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है और पीड़ित बच्चों को पुनर्वास, मुआवजा व अन्य सुविधाएं दिलाने की प्रक्रिया जारी है जिसके वे अधिकारी हैं
जून महीने को बाल श्रम के खिलाफ ‘एक्शन मंथ’ के तौर पर मनाया जाता है और चूंकि बाल दुर्व्यापार यानी बच्चों की ट्रैफिकिंग बाल मजदूरी का मुख्य कारण है, इसलिए नागरिक समाज संगठन इस दौरान पुलिस व प्रशासन के साथ मिलकर दुर्व्यापारियों और उनके गठजोड़ की शिनाख्त के लिए कड़ी नजर रखते हैं
इस मौके पर कानून लागू करने वाली एजेंसियों और जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग का वादा करते हुए निर्देश संस्था के निदेशक बिनोद कुमार ने कहा, “शोषण व मजदूरी से मुक्त कराए गए हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार, सुरक्षा व गरिमा की आज एक बार फिर बहाली हुई है बाल श्रम बच्चों को उनके बचपन और मूल अधिकारों से महरूम कर देता है, लिहाजा इस समस्या से तत्काल निपटने की जरूरत है बच्चों की जगह ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं बल्कि स्कूल में है चूंकि ट्रैफिकिंग और बाल मजदूरी आपसे में गहरे तक जुड़े हैं, हम ट्रैफिकिंग की रोकथाम, बच्चों को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन प्रशासन व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय के साथ काम करते रहेंगे साथ ही, हम सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चे की देखभाल हो, समुचित पुनर्वास हो और उसे वो सभी सुविधाएं मिलें जिसका वह हकदार है”
इस नेटवर्क की सबसे बड़ी ताकत इसका साझा निगरानी तंत्र और आपसी सहयोग है जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के देश भर में फैले सहयोगी संगठन एक दूसरे की आंख-कान का काम करते हैं और आपस में सूचनाएं साझा करने के साथ ट्रैफिकिंग के मामलों की निगरानी करते हैं नेटवर्क के खुफिया सूचना-साझाकरण तंत्र ने देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रैफिकिंग के शिकार बच्चों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है
नतीजे में अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच 1.45 लाख से अधिक बच्चों को ट्रैफिकिंग से मुक्त कराया गया इनमें अधिकांश मामले ऐसे थे, जिनमें बच्चों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें बाल श्रम करने के लिए मजबूर किया गया था