Friday, June 26 2026

बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा: राहत शिविर से लेकर नाव और मेडिकल टीम तक की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश

FIRSTLOOK BIHAR 12:17 PM बिहार

जिला से लेकर प्रखंड स्तर के अधिकारियों के साथ मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी ने की बैठक

मुजफ्फरपुर : जिलाधिकारी कुमार गौरव की अध्यक्षता में बाढ़, सुखाड की समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय सभागार में की गई बैठक मे अपर समाहर्ता आपदा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारी तथा संचालित कार्य के बारे मे विस्तृत जानकारी दी गई समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था की गई है



वर्तमान में जिले में 26,125 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं



इसके अलावा राहत एवं बचाव कार्य के लिए 15 सरकारी नाव तथा 263 निजी नाव चिन्हित की गई हैं प्रशासन द्वारा राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई संचालन की तैयारी भी पूरी कर ली गई है जिले में कुल 418 राहत शिविर तथा 448 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहां आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को भोजन एवं आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा बैठक में बताया गया कि जिले में एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संचालित आपदा संपूर्ति पोर्टल पर अब तक 5 लाख 54 हजार 843 संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों की प्रविष्टि की जा चुकी है इन सूचियों के सत्यापन एवं अद्यतन करने की प्रक्रिया जारी है ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सके बचाव एवं राहत उपकरणों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 06 इनफ्लैटेबल मोटर बोट, 65 टेंट, एक महाजाल, एक इनफ्लैटेबल लाइटिंग सिस्टम, 20 लाइफ बॉय रिंग, 65 लाइफ जैकेट, दो जीपीएस सेट, पांच सेटेलाइट फोन उपलब्ध हैं इसके अतिरिक्त 159 गोताखोर एवं 497 आपदा मित्रों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है, जिन्हें आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया जाएगा बैठक में कहा गया कि जिले में मुख्य रूप से बूढ़ी गंडक, गंडक एवं बागमती नदियों से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है

इसके अलावा लखनदेई, करेह एवं बाया नदी के कारण भी कई क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलजमाव की समस्या रहती है तटबंधों एवं जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 147 स्लुइस गेट हैं और सभी सुरक्षित अवस्था में हैं इनकी वार्षिक मरम्मती एवं ग्रिसिंग का कार्य कराया जा रहा है बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे तटबंधों का नियमित निरीक्षण एवं निगरानी करें तथा जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल सुरक्षा एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य सुनिश्चित करें उन्होंने कहा कि बाढ़ के समय किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा सभी अंचलाधिकारी और कनीय अभियंता को अपने-अपने क्षेत्र के तटबंधों एवं कटाव निरोधक कार्रवाई का निरीक्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया जिलाधिकारी ने प्रत्येक नहर के ड्रेनेज सिस्टम का नक्शा उपलब्ध कराने तथा सभी नहर के ड्रेनेज सिस्टम का समेकित नक्शा तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया पशु संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के पशु चिकित्सालयों में 44 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं

जिले में कुल 38 पशु राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं, जहां आपदा की स्थिति में पशुओं के उपचार एवं देखभाल के लिए चिकित्सकों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था की गई है और पर्याप्त मात्रा मे पशु दवा भी उपलब्ध है पेयजल व्यवस्था की समीक्षा में पाया गया कि मुजफ्फरपुर प्रमंडल अंतर्गत 2238 तथा मोतीपुर प्रमंडल अंतर्गत 3114 वार्ड नल-जल योजना से आच्छादित हैं वहीं हैंडपंपों की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि मुजफ्फरपुर डिवीजन अंतर्गत कुल 21,914 हैंडपंपों में से 21,738 कार्यरत हैं, जबकि मोतीपुर डिवीजन में कुल 22,216 हैंडपंपों में से 21,964 कार्यरत हैं वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मुजफ्फरपुर डिवीजन में 110 तथा मोतीपुर डिवीजन में 100 लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई है

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